Bata India Limited ने संजय राव को अपना नया मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति भारत की प्रमुख फुटवियर और खुदरा कंपनियों में से एक Bata India में नेतृत्व परिवर्तन को दर्शाती है। राव ने 24 अगस्त 2026 से Bata India में पूर्णकालिक डायरेक्टर और सीईओ के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा और यह 23 अगस्त 2031 तक रहेगा। यह नियुक्ति नियामकीय और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
राव, Bata India में आने से पहले Nike के साथ काम कर रहे थे, जहां वह सीनियर डायरेक्टर और सीईओ, Nike Retail के पद पर थे। इस भूमिका में वह फ्रांस और बेनेलक्स क्षेत्र में Nike के खुदरा संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। Nike से पहले उन्होंने Inditex, जो Zara की मूल कंपनी है, के साथ काम किया और Tata Group के साथ संयुक्त उपक्रम के जरिए भारत में Zara के कारोबार को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संजय राव का खुदरा और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में लंबा अनुभव
राव फ्रांस में Guess के देश निदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने INSEAD से एमबीए किया है। इसके अलावा, उन्होंने भारत, दक्षिण एशिया और चीन में कई वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर भी काम किया है। उनके अनुभव में खुदरा, उपभोक्ता कारोबार और अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार संभालना शामिल है।
Bata Group के सीईओ पैनोस मितारोस (Panos Mytaros) ने संजय राव की नियुक्ति पर कहा कि राव के पास खुदरा और उपभोक्ता क्षेत्र का गहरा अनुभव है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव होने के साथ-साथ भारतीय बाजार की भी अच्छी समझ है। उन्होंने कहा कि राव को कारोबार खड़ा करने, टीम तैयार करने और कारोबार में तेजी लाने का अच्छा अनुभव है।
Bata India का विकास और उपभोक्ता पहुंच बढ़ाने पर जोर
मितारोस ने आगे कहा कि भारत, Bata Group के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है और कंपनी के लिए लंबे समय में सबसे बड़े विकास अवसरों वाले बाजारों में शामिल है। ऐसे में राव की नियुक्ति कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब Bata India अपने विकास को तेज करने और उपभोक्ता तथा खुदरा उपस्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। भारत का रिटेल और उपभोक्ता क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहां डिजिटल बदलाव, बदलती उपभोक्ता पसंद और प्रीमियम तथा जीवनशैली आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।