भारत-अमेरिका निवेश 240 अरब डॉलर पहुंचा

भारत-अमेरिका निवेश 240 अरब डॉलर पहुंचा

भारत-अमेरिका निवेश 240 अरब डॉलर पहुंचा
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय निवेश पिछले दो दशकों में 20 अरब डॉलर से बढ़कर 240 अरब डॉलर हो गया है। दोनों देशों के बीच निवेश, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया।

भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते तेजी से मजबूत हो रहे हैं। पिछले दो दशकों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश 20 अरब डॉलर से बढ़कर 240 अरब डॉलर हो गया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने यह जानकारी Indo-American Chamber of Commerce (IACC) National Convention 2026 में दी।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार में कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के पास आर्थिक सहयोग को और बड़े स्तर पर बढ़ाने का मौका है। उन्होंने भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार को एक बड़ा वैश्विक अवसर बताया।

अमेरिकी राजदूत ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि अमेरिकी दूतावास दोनों देशों के बीच कारोबार और निवेश को बढ़ाने में सहयोग करता रहेगा। उन्होंने कहा कि आज और आने वाले कुछ वर्षों में लिए जाने वाले फैसले आने वाले कई दशकों तक भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय कर सकते हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को निवेश, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के अवसरों में बदलने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र करीब 660 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था है और पिछले सात वर्षों में लगभग 10.2% की CAGR से बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में निवेश के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में एयरपोर्ट के पास 165 एकड़ में Medicity विकसित की जा रही है, जिसमें Cleveland Clinic ने एंकर अस्पताल के रूप में जुड़ने के लिए समझौता किया है।

सम्मेलन में महाराष्ट्र को एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाओं, क्लीन एनर्जी और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए महत्वपूर्ण राज्य बताया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्य की निवेश और निर्यात क्षमता को अमेरिकी कारोबारियों के सामने रखा।

आईएसीसी (IACC) के नेशनल प्रेसिडेंट अनुप आचार्य ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध अब केवल कूटनीति और व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग की बढ़ती संभावनाओं पर जोर दिया।

आईएसीसी (IACC) के रीजनल डायरेक्टर–वेस्ट राघवेंद्र पोंक्षे ने कहा कि भारत की प्रतिभा और औद्योगिक क्षमता को अमेरिका के निवेश और वैश्विक पहुंच के साथ जोड़ने से दोनों देशों के लिए बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की मजबूत इंडस्ट्री और इनोवेशन क्षमता को इस साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण बताया।

Redefining the India–US Comprehensive Strategic Partnership थीम पर आयोजित इस एक दिवसीय सम्मेलन में फार्मा, हेल्थकेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन और महिला उद्यमिता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका संबंधों को निवेश, तकनीक, मजबूत सप्लाई चेन और रोजगार के ठोस अवसरों में बदलना रहा।

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