Meesho और BSE की साझेदारी, MSMEs और डिजिटल विक्रेताओं को IPO के लिए करेगी तैयार

Meesho और BSE की साझेदारी, MSMEs और डिजिटल विक्रेताओं को IPO के लिए करेगी तैयार

Meesho और BSE की साझेदारी, MSMEs और डिजिटल विक्रेताओं को IPO के लिए करेगी तैयार
इस पहल के तहत पात्र व्यवसायों को पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया को समझने और पूरा करने में मार्गदर्शन व सहायता दी जाएगी, जिससे वे विकास के लिए पूंजी जुटा सकें और अपने कारोबार का विस्तार कर सकें।


अगली पीढ़ी के सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध व्यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस मीशो (Meesho) ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के साथ साझेदारी की है। दोनों संस्थानों ने मिलकर ‘प्रोजेक्ट शिखर’ नामक पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य MSMEs और डिजिटल-फर्स्ट व्यवसायों को पूंजी बाजार तक पहुंच बनाने में मदद करना है।

यह साझेदारी एक समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से औपचारिक रूप से की गई है। इसका उद्देश्य मीशो प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक कारोबार कर रहे स्वतंत्र विक्रेताओं को BSE SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने के लिए तैयार करना है। इस पहल के तहत योग्य व्यवसायों को IPO और पब्लिक लिस्टिंग की प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक जानकारी, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे विकास के लिए पूंजी जुटा सकें और तेजी से विस्तार कर सकें।

प्रोजेक्ट शिखर का लक्ष्य उभरते हुए डिजिटल उद्यमियों और पूंजी बाजार के अवसरों के बीच की दूरी को कम करना है। इसके माध्यम से तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स व्यवसायों को सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों में बदलने का मार्ग तैयार किया जाएगा।

BSE के एम.डी और सीईओ सुंदररामन राममूर्ति ने कहा कि एक्सचेंज ने SME प्लेटफॉर्म की शुरुआत ऐसे व्यवसायों को पूंजी बाजार तक सीधी पहुंच देने के लिए की थी, जो रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा, "वर्षों से BSE SME प्लेटफॉर्म ने सैकड़ों MSMEs को सूचीबद्ध होने, विकास पूंजी जुटाने और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस अपनाने में मदद की है। मीशो के साथ यह साझेदारी इस व्यवस्था को डिजिटल उद्यमियों तक पहुंचाएगी और ई-कॉमर्स विक्रेताओं को सार्वजनिक कंपनियों में बदलने में सहयोग करेगी।"

मीशो ने कहा कि भारत का एक बड़ा खुदरा व्यापार क्षेत्र अभी भी असंगठित और अनौपचारिक ढांचे में काम करता है, जिसके कारण उन्हें पारंपरिक वित्तीय संसाधनों और विकास पूंजी तक पहुंच नहीं मिल पाती। प्रोजेक्ट शिखर के जरिए कंपनी इस चुनौती को दूर करना चाहती है और व्यवसायों को सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी बनने की दिशा में एक स्पष्ट और संरचित रास्ता उपलब्ध कराना चाहती है।

अगले 12 महीनों के दौरान इस पहल के तहत योग्य विक्रेताओं की पहचान की जाएगी और उन्हें कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। साथ ही व्यवसाय पुनर्गठन, अनुपालन प्रबंधन (Compliance Management) और नियामकीय तैयारियों जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान की जाएगी, जो BSE SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने के लिए आवश्यक हैं।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए मीशो में कॉर्पोरेट अफेयर्स प्रमुख लोपामुद्रा राव ने कहा कि कंपनी के विक्रेताओं का एक बड़ा वर्ग ऐसे उद्यमियों का है, जिन्होंने कम समय में अपने व्यवसाय को तेजी से बढ़ाया है। हालांकि, एक सफल व्यवसाय को निवेशकों के लिए तैयार कंपनी में बदलना आसान नहीं होता, इसलिए प्रोजेक्ट शिखर जैसी संरचित पहल की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा "प्रोजेक्ट शिखर इस प्रक्रिया की जटिलताओं को कम करता है। BSE के साथ हमारी यह साझेदारी केवल विक्रेताओं को सार्वजनिक पूंजी जुटाने में मदद नहीं करेगी, बल्कि ऐसे पारदर्शी, नियमों का पालन करने वाले और मजबूत व्यवसायों की नई श्रृंखला तैयार करेगी, जो भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"


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