एडटेक स्टार्टअप Lytmus AI ने जुटाए ₹5 करोड़, AI मेंटरशिप से बदलेगा प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का तरीका

एडटेक स्टार्टअप Lytmus AI ने जुटाए ₹5 करोड़, AI मेंटरशिप से बदलेगा प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का तरीका

एडटेक स्टार्टअप Lytmus AI ने जुटाए ₹5 करोड़, AI मेंटरशिप से बदलेगा प्रतियोगी परीक्षा तैयारी का तरीका
NEET से होगी शुरुआत, छात्रों को मिलेगा व्यक्तिगत AI मार्गदर्शन; नए निवेश से तकनीक, उत्पाद विकास और छात्र पहुंच का होगा विस्तार


भारत के एडटेक क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण समाधानों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी दिशा में काम कर रहे बेंगलुरु में स्थित एडटेक स्टार्टअप Lytmus AI ने प्री-सीड फंडिंग राउंड में ₹5 करोड़ जुटाए हैं। इस निवेश का नेतृत्व Boundless Ventures ने किया है। कंपनी का उद्देश्य अपने AI-आधारित मेंटरशिप प्लेटफॉर्म का विस्तार करना है, जिसकी शुरुआत नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी कर रहे छात्रों से की जाएगी।

कंपनी के अनुसार, नई फंडिंग का उपयोग उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूत बनाने, उत्पाद विकास में तेजी लाने और अधिक छात्रों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए किया जाएगा। Lytmus AI का मानना है कि केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को लगातार मार्गदर्शन और व्यक्तिगत सहायता भी मिलनी चाहिए।

AI मेंटर देगा शिक्षक जैसा व्यक्तिगत मार्गदर्शन

Lytmus AI की स्थापना वर्ष 2024 में IIT बॉम्बे के पूर्व छात्रों अजित कुमार और प्रवीण ने की थी। कंपनी ऐसे AI मेंटर्स विकसित कर रही है, जो परीक्षा तैयारी के दौरान शिक्षकों द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन की भूमिका निभा सकें।

कंपनी का कहना है कि उसका AI प्लेटफॉर्म केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को समझता है, उनकी कमजोरियों की पहचान करता है और उन्हें आगे की तैयारी के लिए सही दिशा भी सुझाता है।

Lytmus AI के, को-फाउंडर और सीईओ अजित कुमार ने कहा, “पिछले एक दशक में एडटेक उद्योग ने छात्रों को अध्ययन सामग्री तक पहुंच तो उपलब्ध कराई, लेकिन बड़े स्तर पर विस्तार (Scale) हासिल करने की प्रक्रिया में छात्र-शिक्षक संवाद कमजोर हो गया। परिणामस्वरूप कई छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन नहीं मिल पाया। हमने Lytmus AI की शुरुआत इसी अंतर को दूर करने के लिए की है। हमारा उद्देश्य अधिक सामग्री देना नहीं, बल्कि ऐसा मेंटर उपलब्ध कराना है जो हर छात्र को समझे और उसे बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद करे।”

उन्होंने कहा कि भारत में लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश को तैयारी के दौरान व्यक्तिगत सलाह और निरंतर मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। AI मेंटर इस चुनौती को दूर करने का प्रयास करेगा।

कैसे काम करता है Lytmus AI प्लेटफॉर्म?

कंपनी के अनुसार, उसका प्लेटफॉर्म दो प्रमुख स्तरों पर काम करता है। पहला, एक AI इंफ्रास्ट्रक्चर लेयर है, जिसे अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के शिक्षण पैटर्न के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है। दूसरा, एक एप्लिकेशन लेयर है, जो प्रत्येक छात्र की अध्ययन गतिविधियों, गलतियों, प्रदर्शन और सीखने की प्रगति का रिकॉर्ड रखती है।

इन दोनों तकनीकों के संयोजन से AI मेंटर प्रत्येक छात्र के लिए व्यक्तिगत अध्ययन अनुभव तैयार कर सकता है। यह छात्रों की बार-बार होने वाली गलतियों की पहचान करता है, उनकी सीखने की कमियों का विश्लेषण करता है और उनकी प्रगति के आधार पर अगले कदमों की सिफारिश करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की तकनीक छात्रों को अधिक प्रभावी और लक्ष्य-आधारित तैयारी करने में मदद कर सकती है, विशेषकर उन परीक्षाओं में जहां प्रतिस्पर्धा अत्यधिक होती है।

NEET तैयारी पर विशेष फोकस

कंपनी फिलहाल अपने AI मेंटरशिप मॉडल को NEET परीक्षा की तैयारी में लागू कर रही है। हर वर्ष लगभग 20 लाख से अधिक छात्र NEET परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि इनमें से बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की होती है जिन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन या अनुभवी मेंटर का सहयोग नहीं मिल पाता।

Boundless Ventures की फाउंडर और जनरल पार्टनर नताशा मालपानी (Natasha Malpani) ने कहा, “Lytmus AI ने तकनीकी दृष्टि से एक महत्वाकांक्षी और व्यावसायिक रूप से मजबूत समाधान विकसित किया है। कंपनी ने मेमोरी और कॉन्टेक्स्ट आर्किटेक्चर को उन शिक्षकों की विषय विशेषज्ञता के साथ जोड़ा है, जिन्होंने छात्रों का विश्वास अर्जित किया है। ऐसे बाजार में जहां हर साल लाखों छात्र NEET की तैयारी करते हैं, व्यक्तिगत मेंटरशिप को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराने वाला समाधान बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में AI का भविष्य केवल कंटेंट उपलब्ध कराने में नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र की जरूरतों को समझने और उसी के अनुसार मार्गदर्शन देने में है।

16,000 से अधिक छात्रों ने किया उपयोग

कंपनी के अनुसार, पिछले 90 दिनों में उसके प्लेटफॉर्म का उपयोग 16,000 से अधिक छात्र कर चुके हैं। शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि AI मेंटर की सहायता प्राप्त करने वाले छात्र दैनिक अभ्यास सत्रों में सामान्य छात्रों की तुलना में तीन गुना अधिक सक्रिय रहे।

कंपनी का दावा है कि व्यक्तिगत सुझाव, नियमित फीडबैक और अध्ययन प्रगति की निगरानी के कारण छात्रों की सहभागिता और तैयारी की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि AI आधारित मेंटरशिप मॉडल छात्रों की तैयारी को अधिक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बना सकता है।

शिक्षा क्षेत्र में AI का बढ़ता प्रभाव

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI केवल एक सहायक तकनीक नहीं रहेगा, बल्कि सीखने और सिखाने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगा। व्यक्तिगत शिक्षण (Personalized Learning), सीखने की खामियों की पहचान और डेटा-आधारित मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

Lytmus AI की यह पहल इसी परिवर्तन का हिस्सा मानी जा रही है। नई फंडिंग और बढ़ते छात्र आधार के साथ कंपनी अब अपने AI मेंटरशिप प्लेटफॉर्म को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में NEET के अलावा JEE, CUET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी इसका लाभ मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, AI और मानवीय शिक्षण अनुभव के संयोजन पर आधारित ऐसे समाधान भारत में प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के तरीके को नई दिशा दे सकते हैं और लाखों छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध करा सकते हैं।

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