EdTech सेक्टर में LEAD Group की मजबूत ग्रोथ, FY26 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹387 करोड़ पहुंचा

EdTech सेक्टर में LEAD Group की मजबूत ग्रोथ, FY26 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹387 करोड़ पहुंचा

EdTech सेक्टर में LEAD Group की मजबूत ग्रोथ, FY26 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹387 करोड़ पहुंचा
FY26 में LEAD की पहुंच 400 से ज्यादा शहरों और कस्बों में 9,000 से अधिक स्कूलों तक रही। कंपनी करीब 41 लाख छात्रों तक पहुंच रही है और 65,000 से ज्यादा शिक्षकों को सपोर्ट कर रही है।


स्कूल एजुकेशन पर फोकस करने वाली EdTech यूनिकॉर्न LEAD Group ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10 प्रतिशत बढ़कर ₹386.6 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹351.5 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी ने ऑपरेटिंग EBITDA में करीब सात गुना बढ़ोतरी दर्ज की और अपने घाटे को भी 20 प्रतिशत कम किया।

साल 2012 में सुमीत मेहता और स्मिता देओरा द्वारा स्थापित LEAD Group स्कूलों के लिए इंटीग्रेटेड करिकुलम और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराता है। इसके पोर्टफोलियो में किताबें, वर्कबुक्स, स्मार्ट क्लासेज, शिक्षक प्रशिक्षण, ERP, मैथ्स-साइंस किट्स, टीचिंग एड्स और डिवाइसेज शामिल हैं। कंपनी का उद्देश्य टेक्नोलॉजी की मदद से स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाना है।

FY26 में LEAD की पहुंच 400 से ज्यादा शहरों और कस्बों में 9,000 से अधिक स्कूलों तक रही। कंपनी करीब 41 लाख छात्रों तक पहुंच रही है और 65,000 से ज्यादा शिक्षकों को सपोर्ट कर रही है।

स्कूल एजुकेशन से जुड़े प्रोडक्ट्स बने प्रमुख रेवेन्यू स्रोत

कंपनी के ऑपरेटिंग इनकम में किताबों, टीचिंग एड्स और डिवाइसेज जैसे प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। इनसे FY26 में ₹275.4 करोड़ का रेवेन्यू आया, जो ऑपरेटिंग इनकम का 71 प्रतिशत से ज्यादा है। वहीं, प्लेटफॉर्म सर्विसेज से ₹76.5 करोड़ का योगदान रहा।

FY26 में LEAD का कुल इनकम ₹392 करोड़ रहा, जिसमें ₹5.4 करोड़ का नॉन-ऑपरेटिंग इनकम भी शामिल था। यह FY25 के ₹367.4 करोड़ के मुकाबले अधिक है। कंपनी के खर्चों में कर्मचारी लाभ सबसे बड़ा हिस्सा रहा, हालांकि यह 6 प्रतिशत घटकर ₹131.2 करोड़ हो गया। वहीं, मटेरियल कॉस्ट 5.4 प्रतिशत घटकर ₹104.9 करोड़ रही।

दूसरी ओर, विज्ञापन खर्च 10 प्रतिशत बढ़कर ₹18.9 करोड़ और डेप्रिसिएशन व अमोर्टाइजेशन 84.3 प्रतिशत बढ़कर ₹47.9 करोड़ हो गया। अन्य ओवरहेड्स, जिनमें कानूनी और प्रोफेशनल फीस, इम्पेयरमेंट लॉसेज और ट्रांसपोर्टेशन जैसे खर्च शामिल हैं, के साथ FY26 में कंपनी का कुल खर्च ₹426.5 करोड़ रहा।

EBITDA में सात गुना उछाल, घाटा 20% घटा

LEAD का ऑपरेटिंग EBITDA FY25 के ₹4 करोड़ से बढ़कर FY26 में करीब ₹30 करोड़ हो गया। कंपनी ने इस सुधार का कारण बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कारोबार के स्केल के साथ लागत पर बेहतर नियंत्रण को बताया।

कोर बिजनेस और मौजूदा स्कूल नेटवर्क में ग्रोथ, साथ ही नियंत्रित ऑपरेशनल खर्चों ने कंपनी को अपना कुल घाटा कम करने में मदद की। FY26 में नेट लॉस 20 प्रतिशत घटकर ₹34.5 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹43.3 करोड़ था। हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन ऑपरेटिंग प्रदर्शन में सुधार दिखाई दे रहा है।

AI और टेक्नोलॉजी से स्कूल लर्निंग को मजबूत करने की तैयारी

LEAD Group ने FY26 में छात्रों और शिक्षकों के लिए AI आधारित समाधानों पर अपना फोकस बढ़ाया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने टेक्नोलॉजी और AI की बढ़ती भूमिका को देखते हुए AI-led solutions विकसित करने पर जोर दिया है। इन समाधानों का उद्देश्य छात्रों की लर्निंग और शिक्षकों के टीचिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है।

LEAD ने अपने स्कूल नेटवर्क के साथ काम करते हुए करिकुलम, पेडागॉजी और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ने पर फोकस किया है। कंपनी के मुताबिक, उसका लक्ष्य केवल डिजिटल टूल्स उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शिक्षकों को सक्षम बनाना और छात्रों के सीखने के परिणामों में मापनीय सुधार लाना है।

LEAD Vision 2030 के तहत 25,000 स्कूलों तक पहुंच का लक्ष्य

LEAD Group ने अपनी लंबी अवधि की विस्तार योजना के तहत ‘LEAD Vision 2030’ पेश किया है। इसके तहत कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन छात्रों और 25,000 स्कूलों तक पहुंच बनाना है। साथ ही, कंपनी सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने की दिशा में भी तैयारी कर रही है।

Vision 2030 के तहत कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम को भी मजबूत किया है। मोज सैफ को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और दीपक हरिहरन को चीफ बिजनेस ऑफिसर बनाया गया है। नरसिम्हा प्रसाद ने Head of HR की जिम्मेदारी संभाली है, जबकि अजय कश्यप को चीफ प्रोडक्ट एंड टेक्नोलॉजी ऑफिसर की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य कंपनी की वित्तीय अनुशासन, स्कूल पार्टनरशिप, प्रतिभा और AI आधारित प्रोडक्ट इनोवेशन को मजबूत करना है।

LEAD Group के सीईओ और को-फाउंडर सुमीत मेहता ने कहा कि Vision 2030 को हासिल करने के लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट लक्ष्य और बेहतर क्रियान्वयन जरूरी है। कंपनी का फोकस स्कूलों को बदलने, शिक्षकों को सक्षम बनाने और छात्रों के लर्निंग आउटकम को बेहतर करने पर बना हुआ है।

IPO की दिशा में बढ़ रहा LEAD Group

LEAD Group ने 2022 में वेस्टब्रिज कैपिटल की अगुवाई में 100 मिलियन डॉलर की सीरीज E फंडिंग जुटाई थी, जिसके बाद कंपनी यूनिकॉर्न बनी थी। अब FY26 में बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और AI आधारित प्रोडक्ट्स के विस्तार के साथ कंपनी अगले चरण की ग्रोथ के लिए तैयार हो रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, LEAD FY27 में करीब 20% रेवेन्यू वृद्धि का लक्ष्य रख रहा है और अगले दो से तीन वर्षों में संभावित IPO की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।

स्कूलों में बढ़ती टेक्नोलॉजी अपनाने की प्रवृत्ति, AI आधारित लर्निंग सॉल्यूशंस, मजबूत स्कूल नेटवर्क और बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी LEAD Group की आगे की रणनीति के प्रमुख हिस्से हैं। FY26 के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने रेवेन्यू बढ़ाने के साथ-साथ घाटे को कम करने और ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने की दिशा में भी प्रगति की है।


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