भारत में स्कूल शिक्षा के बदलते परिदृश्य के बीच Eupheus Learning क्लासरूम और घर से होने वाली पढ़ाई के बीच की दूरी कम करने पर फोकस कर रहा है। 2017 में शुरू हुई यह EdTech कंपनी स्कूलों को कंटेंट, टेक्नोलॉजी और लर्निंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है। इसका लक्ष्य पारंपरिक क्लासरूम शिक्षा और डिजिटल लर्निंग के बीच बेहतर तालमेल तैयार करना है।
नई दिल्ली में स्थित Eupheus Learning के अनुसार, कंपनी की पहुंच भारत के 10,000 से अधिक स्कूलों और 725 से ज्यादा शहरों तक है। कंपनी आने वाले समय में करीब 1 करोड़ छात्रों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके पोर्टफोलियो में काइनेस्थेटिक लर्निंग, रीडिंग एन्हांसमेंट, STEM/STEAM, इंग्लिश लैंग्वेज लर्निंग और पर्सनलाइज्ड रेमेडियल सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
कंपनी का मॉडल केवल डिजिटल कंटेंट तक सीमित नहीं है। Eupheus Learning स्कूलों के लिए ऐसे हाइब्रिड लर्निंग सॉल्यूशंस विकसित करता है, जो छात्रों को क्लासरूम और घर दोनों जगह सीखने का अनुभव उपलब्ध कराते हैं। कंपनी इंटरैक्टिव लर्निंग टूल्स और रोबोटिक्स जैसे संसाधनों के जरिए छात्रों में क्रिटिकल थिंकिंग, कंप्यूटेशनल स्किल्स और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर भी जोर देती है।
Eupheus Learning का रेवेन्यू ₹225 करोड़ पहुंचा
Eupheus Learning ने वित्त वर्ष 2024 में ₹225 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी अवधि में कंपनी का नेट लॉस लगभग आधा होकर ₹9 करोड़ रह गया, जबकि पिछले स्तर पर यह करीब ₹18 करोड़ था। कंपनी के अनुसार, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों से मार्जिन में सुधार हुआ।
Eupheus Learning के, को-फाउंडर और सीईओ अमित कपूर ने बताया कि कंपनी ने कई ऑपरेशनल एफिशिएंसी मैकेनिज्म लागू किए हैं। इसके परिणामस्वरूप राजस्व में बढ़ोतरी हुई और घाटा कम हुआ। कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 10 प्रतिशत राजस्व वृद्धि और मार्जिन में लगातार सुधार का लक्ष्य रखती है।
कंपनी की ग्रोथ को National Education Policy (NEP) 2020 के बाद स्कूलों में बढ़ती टेक्नोलॉजी और हाइब्रिड लर्निंग की जरूरत से भी समर्थन मिला है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूलों में डिजिटल संसाधनों और आधुनिक लर्निंग मॉडल की मांग बढ़ने से B2B EdTech कंपनियों के लिए नए अवसर बने हैं। Eupheus Learning इसी बदलाव के बीच स्कूल-केंद्रित समाधानों का विस्तार कर रहा है।
2017 में शुरू हुआ सफर
Eupheus Learning की स्थापना Sarvesh Shrivastava ने की थी। उनका उद्देश्य प्री-K-12 सेगमेंट के लिए ऐसे शिक्षण-केंद्रित और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान तैयार करना था, जो छात्रों के लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाने में मदद करें। शिक्षा और IT सेक्टर में तीन दशकों से अधिक के अनुभव ने कंपनी के शुरुआती विजन को आकार दिया।
फाउंडर टीम में सर्वेश श्रीवास्तव के साथ रोहित धर, वेद प्रकाश खत्री और अमित कपूर शामिल थे। शुरुआती दौर में टीम ने करीब ₹6.5 करोड़ का निवेश किया और फरवरी 2018 तक कंपनी बूटस्ट्रैप्ड रही। इसके बाद Eupheus Learning ने तेजी से अपने स्कूल नेटवर्क, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और भौगोलिक पहुंच का विस्तार किया।
कंपनी का बिजनेस मॉडल ‘per-subject, per-student, per-year’ आधार पर काम करता है। Eupheus Learning ने उत्तर भारत में मजबूत उपस्थिति बनाने के बाद दक्षिण और पूर्व भारत में विस्तार किया। वहीं, पश्चिम भारत में गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी कंपनी की मौजूदगी बढ़ी है।
अधिग्रहण से मजबूत हुआ प्रोडक्ट पोर्टफोलियो
Eupheus Learning ने अपने विस्तार के लिए रणनीतिक अधिग्रहण भी किए हैं। इनमें ClassKlap प्रमुख है, जो Personalised Remedial Solutions (PRS) के लिए जाना जाता है। इन अधिग्रहणों का उद्देश्य कंपनी के करिकुलम, टेक्नोलॉजी और स्कूल लर्निंग सॉल्यूशंस को और मजबूत करना रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने अब तक करीब $27.2 मिलियन की फंडिंग जुटाई है और इसका अनुमानित वैल्यूएशन करीब $72.2 मिलियन बताया गया है। कंपनी की लीगल एंटिटी Proficiency Learning Solutions Private Limited है। इसके निवेशकों में संस्थागत प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल फंड्स शामिल हैं। Eupheus Learning वर्ष 2021 में Lightrock के पोर्टफोलियो में भी शामिल हुई थी।
TIME और Statista से मिली पहचान
Eupheus Learning को 2024 में TIME और Statista के Top EdTech Rising Stars में शामिल किया गया। यह पहचान कंपनी के स्कूल-केंद्रित बिजनेस मॉडल, टेक्नोलॉजी आधारित लर्निंग सॉल्यूशंस और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
कंपनी वर्तमान में काइनेस्थेटिक लर्निंग, रीडिंग एन्हांसमेंट, STEM/STEAM, इंग्लिश लैंग्वेज लर्निंग और पर्सनलाइज्ड लर्निंग जैसे क्षेत्रों में अपना पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी स्कूलों में आधुनिक लर्निंग टूल्स को अपनाने और छात्रों के लिए अधिक इंटरैक्टिव शिक्षा अनुभव तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है।
हाइब्रिड लर्निंग पर आगे बढ़ेगा फोकस
आने वाले समय में Eupheus Learning का फोकस हाइब्रिड करिकुलम, डिजिटल लर्निंग टूल्स, स्कूल टेक्नोलॉजी और पर्सनलाइज्ड एजुकेशन के विस्तार पर रहने की उम्मीद है। कंपनी का मॉडल क्लासरूम और घर से होने वाली पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर आधारित है।
10,000 से अधिक स्कूलों तक पहुंच, FY2024 में ₹225 करोड़ का रेवेन्यू, घटता घाटा और NEP 2020 से बढ़े अवसर Eupheus Learning की मौजूदा ग्रोथ को रेखांकित करते हैं। कंपनी भारतीय स्कूल शिक्षा में डिजिटल और हाइब्रिड लर्निंग को बढ़ावा देने वाले प्रमुख EdTech प्लेटफॉर्म्स में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।