विश्व पर्यावरण दिवस 2026 (World Environment Day) के अवसर पर भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश क्षेत्र के प्रमुख उद्योगओं ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंटको लेकर अपने विचार साझा किए। इस वर्ष की थीम "Inspired by Nature. For Climate. For Our Future" के तहत उद्योग जगत ने स्पष्ट संदेश दिया कि स्वच्छ मोबिलिटी और जलवायु-अनुकूल इनोवेशन अब केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और राष्ट्रीय प्रगति के लिए भी अनिवार्य हैं।
ऊर्जा स्वतंत्रता और EV अपनाना भारत की रणनीतिक आवश्यकता
ओमेगा सेकी मोबिलिटी के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. उदय नारंग ने कहा कि जलवायु कार्रवाई और आर्थिक प्रगति अब अलग-अलग विषय नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सड़कों पर चलने वाला हर इलेक्ट्रिक वाहन उत्सर्जन को कम करता है, ईंधन आयात पर निर्भरता घटाता है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाता है। उनके अनुसार, ऊर्जा स्वतंत्रता भारत के विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और आने वाले दशक में देश को वैश्विक महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
डॉ. नारंग ने कहा कि सस्टेनेबल मोबिलिटी केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय अवसर है, जो आर्थिक मजबूती, नवाचार और दीर्घकालिक समृद्धि को गति दे सकता है।
EV अपनाना आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारी
स्टेटिक (Statiq) के फाउंडर और सीईओ अक्षित बंसल ने कहा कि तेल की कीमतों में वैश्विक अस्थिरता और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ईंधन आधारित प्रणालियां अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एकमात्र व्यवहारिक समाधान हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच EV उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी प्रदान करते हैं।अक्षित बंसल के अनुसार, स्टेटिक ऐसे स्थानों पर चार्जिंग नेटवर्क विकसित कर रहा है जहां लोग रहते और काम करते हैं, ताकि EV अपनाने की प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक बन सके। उन्होंने कहा कि यदि भारत लास्ट-माइल और शहरी परिवहन बेड़ों में बड़े पैमाने पर EV अपनाता है तो परिवहन लागत, उत्सर्जन और ईंधन मूल्य अस्थिरता के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ऑटो LPG भी बन सकता है स्वच्छ मोबिलिटी का महत्वपूर्ण विकल्प
इंडियन ऑटो एलपीजी कोएलिशन के महानिदेशक सुयश गुप्ता ने कहा कि भारत के मोबिलिटी क्षेत्र में अभी भी 33 करोड़ से अधिक पेट्रोल और डीजल वाहन संचालित हो रहे हैं, जो वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन के प्रमुख स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि यद्यपि इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य के लिए महत्वपूर्ण समाधान हैं, लेकिन उनकी लागत और अवसंरचना संबंधी चुनौतियां अभी भी व्यापक स्तर पर अपनाने में बाधा हैं। ऐसे में ऑटो LPG एक व्यावहारिक और तुरंत लागू किया जा सकने वाला स्वच्छ ईंधन विकल्प बन सकता है।
सुयश गुप्ता के अनुसार, ऑटो LPG से PM2.5 उत्सर्जन लगभग नगण्य होता है तथा पेट्रोल और डीजल की तुलना में NOx उत्सर्जन में लगभग 80 प्रतिशत तक कमी आती है। उन्होंने सरकार से BS-III और BS-IV वाहनों में LPG रेट्रोफिटमेंट को बढ़ावा देने, FAME-II जैसी योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने और नए ईंधन स्टेशनों पर ऑटो LPG डिस्पेंसर अनिवार्य करने की मांग की।
जलवायु-सचेत निवेशों से बनेगा हरित भारत
बिजडेटअप (BizDateUp) के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर जीत मुकेश चंदन ने कहा कि स्थिरता अब विकल्प नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी है।उन्होंने बताया कि कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपटेक और सतत अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रही है। बिजडेटअप के लगभग 40 प्रतिशत निवेश ईवी इकोसिस्टम पर केंद्रित हैं।
उनके अनुसार, स्वच्छ परिवहन कार्बन उत्सर्जन कम करने, टिकाऊ लॉजिस्टिक्स को मजबूत बनाने और दीर्घकालिक आर्थिक एवं पर्यावरणीय मूल्य सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वेंचर कैपिटल की भूमिका ऐसे व्यवसायों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण है जो नवाचार के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जरूरतों को भी पूरा करते हों।
स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े EV ही होंगे भविष्य की पहचान: काज़म
काज़म के को-फ़ाउंडर और सीईओ शेखर ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की चर्चा अब शुरुआती चरण से आगे निकल चुकी है, लेकिन EV की वास्तविक पर्यावरणीय उपयोगिता उस बिजली की स्वच्छता पर निर्भर करती है जिससे उसे चार्ज किया जाता है।
उन्होंने कहा कि भारत को केवल अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के बजाय घरों, अपार्टमेंट्स और कार्यस्थलों को स्मार्ट एवं विकेंद्रीकृत ऊर्जा केंद्रों में बदलने पर ध्यान देना होगा। उनके अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा आधारित चार्जिंग और स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन ही भारत की EV क्रांति को टिकाऊ बना सकते हैं।
शेखर ने बताया कि काज़म 1 लाख से अधिक चार्जिंग पॉइंट्स और 1.5 लाख से अधिक होम चार्जर्स के माध्यम से विशेष रूप से तीन-पहिया वाहन चालकों को परिचालन लागत में 25-30 प्रतिशत तक बचत दिलाने में मदद कर रहा है। उनका मानना है कि भविष्य का EV इकोसिस्टम ग्रिड-सक्षम और सौर ऊर्जा आधारित होना चाहिए।
स्वच्छ मोबिलिटी अब विकल्प नहीं, आवश्यकता
विश्व पर्यावरण दिवस पर उद्योग जगत का साझा संदेश स्पष्ट रहा कि भारत को स्वच्छ ईंधनों, इलेक्ट्रिक वाहनों, ऊर्जा-कुशल चार्जिंग नेटवर्क और जलवायु-सचेत निवेशों को तेजी से अपनाना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि चाहे EV हों, ऑटो LPG हो या हरित ऊर्जा आधारित समाधान तकनीक और समाधान पहले से उपलब्ध हैं। अब आवश्यकता उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने की है।
भारत आज आर्थिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। ऐसे में सस्टेनेबल डेवलपमेंट केवल नीति निर्माण का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, व्यापारिक अवसर और राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकता बन चुका है। उद्योग जगत का मानना है कि निर्णायक कदम ही भारत को एक स्वच्छ, हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाएंगे।