भारत में बढ़ती उपभोक्ता आकांक्षाएं और परिपक्व होती डिजिटल अर्थव्यवस्था शहरी मोबिलिटी क्षेत्र में यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की अपेक्षाओं को तेजी से बदल रही हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया की इलेक्ट्रिक राइड-हेलिंग कंपनी Green SM की मूल कंपनी
विनग्रुप (Vingroup) द्वारा जारी एक उद्योग श्वेत पत्र (White Paper) के अनुसार, भविष्य में बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त केवल कम किराए पर नहीं, बल्कि सेवा की गुणवत्ता, परिचालन की निरंतरता और ग्राहक विश्वास पर निर्भर करेगी।
रिपोर्ट में डेलॉइट ग्लोबल कंज्यूमर ट्रैकर (Deloitte Global Consumer Tracker) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत का बढ़ता मध्यम वर्ग अब किसी सेवा का चयन करते समय बेहतर अनुभव, वाहनों की स्वच्छता और विश्वसनीयता को अधिक महत्व दे रहा है। राइड-हेलिंग उद्योग में इस बदलाव के चलते अच्छी तरह से मेंटेन किए गए वाहनों, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और पेशेवर ड्राइवर व्यवहार की मांग बढ़ी है।
केपीएमजी इंडिया (KPMG India) की Customer Experience Report के अनुसार, सर्विस क्वालिटी और प्लेटफॉर्म की निरंतरता डिजिटल अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता वफादारी के प्रमुख कारक बन चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि ग्राहक अब केवल कम कीमत के बजाय बेहतर सेवा अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं।
दूसरी ओर, प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था के आपूर्ति पक्ष में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। नीति आयोग (NITI Aayog) के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2030 तक भारत का गिग वर्कफोर्स बढ़कर 2.35 करोड़ (23.5 मिलियन) तक पहुंच सकता है, जिसमें राइड-हेलिंग ड्राइवर सबसे बड़े वर्गों में शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के शोध के मुताबिक, प्लेटफॉर्म आधारित ड्राइवर अब केवल अधिक ट्रिप्स के बजाय स्थिर आय, निष्पक्ष व्यवहार और संस्थागत सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप राइड-हेलिंग क्षेत्र धीरे-धीरे अस्थायी गिग कार्य से आगे बढ़कर एक पेशेवर और स्थिर करियर विकल्प के रूप में विकसित हो रहा है।
इसी बदलते परिदृश्य के बीच Vingroup की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकाई Green SM ने नई दिल्ली और गुरुग्राम में पायलट संचालन शुरू कर दिया है। दक्षिण-पूर्व एशिया के कई बाजारों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी यह कंपनी कॉर्पोरेट-प्रशिक्षित ड्राइवरों, उन्नत ट्रैकिंग तकनीकों और मानकीकृत परिचालन मॉडल पर आधारित सेवाएं प्रदान करती है।
रेडसीर (RedSeer) के उद्योग विश्लेषण के अनुसार, ग्राहक अनुभव आधारित यह रणनीति शहरी परिवहन क्षेत्र में अगले विकास चरण का प्रमुख आधार बन सकती है। इससे भारत में यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए परिचालन मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।