हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने तमिलनाडु को भारत में अपने प्रमुख ईवी मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा की है। कंपनी ने राज्य में स्थानीयकरण, सप्लाई चेन विस्तार और कौशल विकास से जुड़े नए निवेश कार्यक्रमों का भी खुलासा किया है।
कंपनी ने बताया कि वह इस वर्ष अपने चेन्नई संयंत्र से दो नए मॉडल लॉन्च करेगी, जिनमें उसका पहला मास-मार्केट डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल होगा। यह कदम भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और कंपनी के EV पोर्टफोलियो के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।
एचएमआईएल (HMIL) के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि कंपनी ईवी स्थानीयकरण को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की ऑटोमोटिव तकनीकों के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
हुंडई ने तमिलनाडु में ईवी पावरट्रेन के लिए बैटरी सब-असेंबली सुविधा स्थापित कर ली है और अब पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य महत्वपूर्ण ईवी कंपोनेंट्स के स्थानीयकरण को बढ़ा रही है। वर्तमान में कंपनी लगभग 82 प्रतिशत स्थानीय सोर्सिंग करती है, जिसे अगले पांच से छह वर्षों में बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
सप्लायर नेटवर्क के विस्तार के तहत कंपनी तमिलनाडु स्थित आपूर्तिकर्ताओं से खरीद मूल्य में लगभग 4,000 करोड़ रुपये की वृद्धि करने की योजना बना रही है। इस पहल से राज्य में करीब 2,000 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए हुंडई ने तमिलनाडु सरकार के साथ अपने सहयोग का विस्तार किया है। दिसंबर 2027 से शुरू होने वाली इस पहल के तहत आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों को इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन मोबिलिटी, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, एआई आधारित मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कंपनी वर्तमान में तमिलनाडु में 39 डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन और 78 चार्जिंग पॉइंट संचालित कर रही है। अगले दो से तीन वर्षों में प्रमुख शहरों और राजमार्गों पर इस नेटवर्क का और विस्तार किया जाएगा।
हुंडई ने दोहराया कि वह 2023 से 2032 के बीच तमिलनाडु में 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। यह निवेश भारत के लिए घोषित 45,000 करोड़ रुपये की व्यापक निवेश योजना का हिस्सा है, जिसमें विनिर्माण विस्तार, स्थानीयकरण और नई मोबिलिटी तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा।