फाइनेंसिंग पर केंद्रित RBI-पंजीकृत NBFC, एएमयू एक्सीलरेटेड मनी फॉर यू (AMU Accelerated Money for U) ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 40 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। कंपनी की आय में साल-दर-साल आधार पर 35% की वृद्धि हुई है, जो देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग मांग को दर्शाती है।
कंपनी के अनुसार, पिछले दो वित्तीय वर्षों के दौरान उसके ऋण वितरण (Disbursements) में औसतन 25% और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में लगभग 45% की वृद्धि दर्ज की गई। AMU ने अब तक 25,000 से अधिक ग्राहकों को वित्तीय सहायता प्रदान की है तथा 50 से ज्यादा रणनीतिक साझेदारियां और 125 से अधिक डीलर नेटवर्क जोड़कर अपने कारोबार का विस्तार किया है।
एएमयू (AMU) को इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों के फाइनेंसिंग में मजबूत मांग देखने को मिली। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश और बिहार कंपनी के प्रमुख विकास बाजार बनकर उभरे हैं। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी क्षेत्रीय विस्तार रणनीति के तहत उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में भी परिचालन शुरू किया है।
कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नेहल गुप्ता ने कहा, “AMU ने ईवी फाइनेंसिंग क्षेत्र में पांच वर्षों से ज्यादा का सफर पूरा कर लिया है। हमारा ध्यान हमेशा उन बाजारों पर रहा है जहां वित्तीय सेवाओं की पहुंच सीमित है। भारत में ईवी अपनाने की गति बढ़ने के साथ विशेषीकृत वित्तपोषण निर्माताओं, डीलरों और ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कंपनी ने बताया कि वह वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 60 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो करीब 50% की संभावित वृद्धि को दर्शाता है।
एएमयू (AMU) वर्तमान में बड़े बैंकों, NBFCs और अन्य उद्योग भागीदारों के साथ ऋण, को-लेंडिंग और रणनीतिक साझेदारी के अवसर तलाश रही है। कंपनी अगले छह महीनों में 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक की पूंजी जुटाने की योजना बना रही है, जिससे इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों की बढ़ती वित्तपोषण मांग को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही कंपनी बैटरी फाइनेंसिंग और क्लीन-टेक एसेट्स सेगमेंट में भी विस्तार करने की तैयारी कर रही है।