एआई आधारित फ्लीट सुरक्षा और प्रदर्शन समाधान प्रदाता नेत्राडाइन (Netradyne) ने नेशनल हाईवेज फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (NHEV) के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत भारत में विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक हाईवे (E-Highway) कॉरिडोरों पर इंटेलिजेंस और सुरक्षा की उन्नत तकनीक तैनात की जाएगी। इस पहल के माध्यम से नेत्राडाइन (Netradyne) चरणबद्ध तरीके से अपनी एआई-संचालित फ्लीट सुरक्षा और प्रदर्शन तकनीक लागू करेगा, जिससे कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रियल-टाइम विजिबिलिटी, प्रेडिक्टिव रिस्क डिटेक्शन, ड्राइवर व्यवहार विश्लेषण और परिचालन निगरानी संभव हो सकेगी।
एनएचईवी (NHEV) वर्ष 2027 तक अपने एकीकृत ई-हाईवे नेटवर्क का विस्तार 26 कॉरिडोर तक करने की योजना पर काम कर रहा है। इस नेटवर्क में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा प्रबंधन, डिजिटल सिस्टम, फाइनेंसिंग और परिचालन सहायता जैसी सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है, ताकि लंबी दूरी के इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए एक व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य इकोसिस्टम तैयार किया जा सके। नेत्राडाइन (Netradyne) का एआई प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क में ड्राइवर व्यवहार विश्लेषण, वाहन निगरानी और कॉरिडोर-स्तरीय ऑपरेशनल ओवरसाइट जोड़कर सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत करेगा।
एनएचईवी (NHEV) के प्रोग्राम डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा ने कहा कि भारत का ई-हाईवे विजन केवल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कमर्शियल ईवी और माल परिवहन क्षेत्र का विश्वास जीतने के लिए एक कनेक्टेड और भरोसेमंद मोबिलिटी इकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल इंटेलिजेंस लेयर ड्राइवर सुरक्षा बढ़ाने, दुर्घटनाओं को कम करने, संभावित जोखिमों की पहले से पहचान करने और फ्लीट संचालन की विश्वसनीयता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नेत्राडाइन (Netradyne) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (EMEA एवं APAC बिजनेस) दुर्गादत्त नेडुंगडी ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य ई-हाईवे नेटवर्क पर रियल-टाइम इंटेलिजेंस उपलब्ध कराना है, जिससे ड्राइवर सुरक्षा, फ्लीट विजिबिलिटी और परिचालन दक्षता में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि ड्राइवर की थकान, असुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार और वाहन संबंधी समस्याओं की शुरुआती पहचान सड़क जोखिमों को कम करने और लंबी दूरी के ईवी संचालन को अधिक सुरक्षित एवं भरोसेमंद बनाने में मदद करेगी।
कंपनी के अनुसार, यह साझेदारी भारत की कनेक्टेड मोबिलिटी नीतियों को वास्तविक डेटा और अनुभवों के माध्यम से मजबूत करने में भी सहायक होगी। साथ ही, फ्लीट ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों के लिए यह पहल लंबी दूरी के इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के प्रति विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगी, जिससे सुरक्षा, वाहन अपटाइम और परिसंपत्ति विश्वसनीयता में सुधार होगा।