इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता Zelio E-Mobility ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के अपने ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए मजबूत परफॉरमेंस दर्ज किया है। कंपनी का कुल राजस्व 81.8% की वार्षिक वृद्धि के साथ पहली बार 313.68 करोड़ तक पहुंच गया, जो FY25 में 172.19 करोड़ था। भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार में कंपनी ने लगातार मजबूत विकास का प्रदर्शन किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का समेकित EBITDA ₹38.01 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 12.2% दर्ज किया गया। इसी अवधि में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (PAT) ₹28.39 करोड़ रहा। Zelio E-Mobility अपनी स्थापना के बाद से लगातार लाभ में रहने वाली चुनिंदा भारतीय ईवी कंपनियों में शामिल है। कंपनी ने अपने संचालन के पहले वर्ष में ₹12.89 करोड़ के राजस्व से बढ़कर FY26 में ₹313 करोड़ से अधिक का आंकड़ा हासिल किया है, जो पिछले चार वर्षों में लगभग 121% की राजस्व CAGR को दर्शाता है।
कंपनी ने अपने राष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करते हुए 25 से अधिक राज्यों में 400 से ज्यादा डीलरशिप स्थापित की हैं, जिससे यह देश के सबसे बड़े लो-स्पीड ईवी रिटेल नेटवर्क में से एक बन गई है। FY26 के दौरान ज़ेलियो (Zelio) ने ओडिशा और तमिलनाडु में दो नई विनिर्माण इकाइयों की भी घोषणा की, जिससे इसकी क्षेत्रीय उत्पादन और सप्लाई चेन क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। इन नए संयंत्रों के साथ कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 2.40 लाख यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर कुणाल आर्य ने कहा कि FY26 Zelio E-Mobility के लिए परिवर्तनकारी वर्ष रहा है। 313 करोड़ रुपये के राजस्व स्तर को पार करना देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं के लिए किफायती, भरोसेमंद और सुलभ इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराना है। आने वाले वर्षों में कंपनी जिम्मेदार तरीके से विस्तार करते हुए दोपहिया और तिपहिया ईवी सेगमेंट में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगी।
वित्त वर्ष 26 (FY26) के दौरान कंपनी ने अक्टूबर 2025 में IPO और BSE SME प्लेटफॉर्म पर सफल लिस्टिंग के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। कंपनी ने सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से ₹78.34 करोड़ जुटाए, जिसमें ₹58.84 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹15.50 करोड़ मूल्य के 11.4 लाख शेयरों की बिक्री शामिल थी। IPO को कुल 1.5 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ, जिसमें संस्थागत और खुदरा निवेशकों दोनों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।
भविष्य की योजनाओं के तहत ज़ेलियो ई-मोबिलिटी (Zelio E-Mobility) जुलाई 2026 में कोयंबटूर स्थित अपने नए विनिर्माण संयंत्र का संचालन शुरू करेगी, जिससे दक्षिण भारत में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी। वहीं हरियाणा के पटान संयंत्र से इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर कारोबार को गति मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य FY27 के अंत तक अपने डीलर नेटवर्क को बढ़ाकर 550 से अधिक डीलरशिप तक पहुंचाना है, जिसमें दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों पर विशेष फोकस रहेगा।