टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने आने वाले वर्षों में अपनी पैसेंजर व्हीकल उत्पादन क्षमता में 3 लाख यूनिट सालाना की वृद्धि की योजना बनाई है। यह विस्तार ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा, जिससे कंपनी की कुल क्षमता 8.5 लाख यूनिट से बढ़कर 10 लाख यूनिट से अधिक हो जाएगी।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश चंद्रा के अनुसार, यह विस्तार मुख्य रूप से गुजरात के साणंद संयंत्र में किया जाएगा, जहां कंपनी पहले से दो उत्पादन इकाइयां संचालित करती है। कंपनी का एक अन्य प्लांट पुणे में भी स्थित है।
कंपनी ने बताया कि यह विस्तार ICE (पेट्रोल-डीजल) और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) दोनों सेगमेंट में आक्रामक प्रोडक्ट लॉन्च रणनीति के साथ जुड़ा है। हाल ही में कंपनी ने Tiago EV फेसलिफ्ट लॉन्च किया है और इस साल दो नए मॉडल और चार फेसलिफ्ट पेश करने की योजना है।
पिछले वित्त वर्ष में टाटा मोटर्स ने सिएरा, हैरियर और सफारी के पेट्रोल वर्जन, अपडेटेड पंच और Harrier.ev तथा Punch.ev जैसे नए EV मॉडल लॉन्च किए थे। इन लॉन्च का पूरा असर इस साल मांग में देखने को मिलेगा।
ईवी की मांग में तेज बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी ने उत्पादन तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया है। वर्तमान में टाटा मोटर्स प्रति माह लगभग 10,000 ईवी का उत्पादन कर रही है, जिसे अगले तीन से चार महीनों में 15,000 यूनिट तक बढ़ाने की योजना है।
कंपनी ने तमिलनाडु के रानीपेट में नए प्लांट में उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जिसकी क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाकर 2.5 लाख वाहन सालाना तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कंपनी अगले कुछ वर्षों में 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये वार्षिक निवेश करने की योजना पर भी काम कर रही है।
वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स ने घरेलू बाजार में 6.51 लाख पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री की और 10,350 यूनिट्स का निर्यात किया। कुल उत्पादन 6.61 लाख यूनिट रहा।
कंपनी को आईसीई सेगमेंट में मारुति सुजुकी, हुंडई और महिंद्रा एंड महिंद्रा से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ईवी बाजार में जेएसडबल्यू एमजी मोटर और महिंद्रा जैसी कंपनियां प्रतिस्पर्धा बढ़ा रही हैं।