शिक्षा, स्टार्टअप और उद्योग जगत को जोड़ने की दिशा में AIM-STPI का बड़ा कदम

शिक्षा, स्टार्टअप और उद्योग जगत को जोड़ने की दिशा में AIM-STPI का बड़ा कदम

शिक्षा, स्टार्टअप और उद्योग जगत को जोड़ने की दिशा में AIM-STPI का बड़ा कदम
शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक मंच पर लाया जीसीसी नवाचार सम्मेलन 2026


भारत के नवाचार और उद्यमिता इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने संयुक्त रूप से जीसीसी नवाचार सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। इस सम्मेलन में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और नीति निर्माताओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा नवाचार, अनुसंधान और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के नवाचार इकोसिस्टम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करना था, ताकि स्कूल स्तर के नवाचारों से लेकर स्टार्टअप्स और उद्योगों तक एक सशक्त नवाचार श्रृंखला तैयार की जा सके। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत के विकास में शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वय की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।

सम्मेलन में Intel, IBM, Bosch, Amazon, SAP, Thermo Fisher Scientific, CGI, Shell, Mercedes-Benz, Philips, Morgan Stanley, NVIDIA, Samsung, SanDisk, Wipro और Yahoo जैसी वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL), अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC), अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC), STPI उद्यमिता केंद्रों, कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) तथा विभिन्न स्टार्टअप संगठनों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन का हिस्सा बने।

शिक्षा और नवाचार को जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और उद्योग जगत को एक साथ काम करना होगा। इसी सोच के तहत AIM के विभिन्न कार्यक्रमों और GCC इकोसिस्टम के बीच सहयोग के अवसरों पर चर्चा की गई।

STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का GCC इकोसिस्टम आज दुनिया के सबसे मजबूत तकनीकी नेटवर्क में से एक बन चुका है। देश में 2,100 से अधिक GCC केंद्र कार्यरत हैं, जो लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का रेवेन्यू उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भारतीय प्रतिभा और वैश्विक अवसर एक साथ आते हैं, तो नवाचार और आर्थिक विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।

उन्होंने बताया कि STPI पिछले तीन दशकों से देश में तकनीकी अवसंरचना, डिजिटल कनेक्टिविटी और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है। अब AIM और STPI मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित कर रहे हैं, जिसके माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, स्टार्टअप्स और उद्योगों को एक साझा मंच पर लाया जा सके। इससे युवा नवाचारकों को अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों और व्यवसायों में बदलने का अवसर मिलेगा।

छात्रों और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर

अटल इनोवेशन मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "जय अनुसंधान" के मंत्र को आगे बढ़ाने में AIM महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लाखों छात्रों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं 100 से अधिक इनक्यूबेशन केंद्र स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।

दीपक बागला ने कहा कि भारत आज प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और नवाचार का वैश्विक केंद्र बन रहा है। ऐसे में GCC और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग बढ़ाकर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने उद्योग जगत को AIM के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भागीदारी करने, छात्रों और स्टार्टअप्स को मेंटरशिप देने तथा नवाचार चुनौतियों में सहयोग करने का आह्वान किया।

सम्मेलन में STPI बेंगलुरु के निदेशक डॉ. संजय त्यागी ने कहा कि बेंगलुरु देश के सबसे सक्रिय तकनीकी और नवाचार केंद्रों में से एक है। उन्होंने बताया कि STPI और AIM की साझेदारी के माध्यम से युवा नवाचारकों, स्टार्टअप्स और उद्योगों के बीच मजबूत संबंध स्थापित किए जा सकते हैं। इससे नई तकनीकों के विकास, स्टार्टअप विस्तार और रोजगार सृजन को गति मिलेगी।

सम्मेलन में किन विषयों पर हुई चर्चा?

कार्यक्रम के दौरान चार प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिनमें शामिल थे :  

- अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से स्कूली नवाचार को बढ़ावा देना
- अटल इनक्यूबेशन सेंटर और अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर के जरिए स्टार्टअप विकास को समर्थन देना
- AIM की आगामी औद्योगिक त्वरक पहल AACSES के माध्यम से नवाचार को बड़े स्तर पर ले जाना
- STPI उद्यमिता केंद्रों और संयुक्त एक्सेलेरेटर प्लेटफॉर्म के जरिए उद्योग-नेतृत्व वाले नवाचार को बढ़ावा देना आदि।

सम्मेलन में भाग लेने वाले विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि GCC कंपनियां भारतीय स्टार्टअप्स और नवाचारकों के साथ कैसे मिलकर काम कर सकती हैं। इसके लिए मेंटरशिप, तकनीकी परीक्षण, पायलट प्रोजेक्ट्स, नवाचार चुनौतियों, बाजार पहुंच और उद्योग-विशेष एक्सेलेरेटर कार्यक्रमों जैसे मॉडल पर विचार किया गया।

इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की नवाचार क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। जीसीसी नवाचार सम्मेलन 2026 ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पहल न केवल छात्रों और युवा उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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