उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र में डेटा सेंटर और IT हब विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के लिए 1,000 एकड़ जमीन की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें से अब तक 810 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। अधिकारी शेष जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने में जुटे हैं।
यह हब बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIDA) के तहत विकसित किया जाएगा। यह एक नियोजित औद्योगिक क्षेत्र है, जो 33 गांवों में कुल 56,662 एकड़ जमीन पर फैला होगा। इसे नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। सरकार ने परियोजना के पहले चरण में 35,298 एकड़ और दूसरे चरण में 21,364 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है।
बिडा (BIDA) अब तक कुल 28,874 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर चुका है, जो पहले चरण के निर्धारित लक्ष्य का 80% से अधिक है। प्राधिकरण ने 2,320 एकड़ क्षेत्र को शुरुआती विकास के लिए चिह्नित किया है। इसमें से 1,000 एकड़ जमीन डेटा सेंटर और IT हब के विकास के लिए प्रस्तावित है। इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) सरकार को सौंप दी गई है। औद्योगिक क्षेत्र की योजना के तहत एक ड्राफ्ट सेक्टर प्लान भी तैयार किया गया है। इसे
बिडा (BIDA) मास्टर प्लान 2045 को मंजूरी मिलने के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। इस क्षेत्र में ऑटोमोटिव, रक्षा, FMCG, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, IT और संस्थागत क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को विकसित करने की योजना है।
इस परियोजना का उद्देश्य तकनीक आधारित उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करना और उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को समर्थन देना है। राज्य के मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने BIDA और अन्य बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास से बुंदेलखंड में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, डेटा सेंटर, IT और अन्य तकनीक आधारित उद्योगों के लिए नए अवसर तैयार होंगे।