कंपनी के अनुसार, यह कमाई उसके हालिया तिमाही ऑनलाइन रेवेन्यू (₹600 करोड़) के लगभग एक-तिहाई के बराबर है। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही में कंपनी ने कुल ₹1,082 करोड़ का राजस्व दर्ज किया था।
नामांकन में 21% की बढ़ोतरी
इस 20 दिनों के दौरान फिजिक्सवाला को करीब 4.39 लाख (439,000) नए नामांकन मिले, जो पिछले साल की तुलना में 21% अधिक हैं। खास बात यह है कि ये नामांकन देश के 1,579 नए पिन कोड क्षेत्रों से आए हैं, जिससे यह साफ होता है कि कंपनी छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक तेजी से पहुंच बना रही है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि इस अवधि में अधिकांश कोर्स कैटेगरी में 30% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है, जो छात्रों के बीच बढ़ते भरोसे और मांग को दर्शाता है।
इसके अलावा, स्टेट बोर्ड से जुड़े कोर्स में 178% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जबकि क्षेत्रीय भाषाओं (वर्नाक्युलर) में चलने वाले बैचों में 100% तक का उछाल आया है। इससे यह संकेत मिलता है कि अब छात्र अपनी भाषा में पढ़ाई को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं और कंपनी भी इसी दिशा में विस्तार कर रही है।
विश्वास दिवस’ का महत्व
‘विश्वास दिवस’ हर साल आयोजित किया जाता है, जिसमें फिजिक्सवाला अपने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत करता है। इस दौरान कंपनी नए बैच लॉन्च करती है, नई तकनीकों (technology integration) को जोड़ती है और छात्रों के लिए नए लर्निंग प्रोग्राम और सुविधाएं पेश करती है।
इस मौके पर कंपनी के, को-फाउंडर प्रतीक महेश्वरी ने कहा कि ‘विश्वास दिवस’ के दौरान मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स कंपनी के भविष्य के विकास को लेकर उनके भरोसे को और मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बेहतर नामांकन, मजबूत शुरुआत और बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स के चलते कंपनी नए शैक्षणिक सत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।
एडटेक सेक्टर में तेजी
अगर इसे व्यापक संदर्भ में देखें, तो भारत में ऑनलाइन शिक्षा (EdTech) सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, खासकर कोविड के बाद से डिजिटल लर्निंग की मांग काफी बढ़ी है। फिजिक्सवाला जैसे प्लेटफॉर्म कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर लाखों छात्रों तक पहुंच बना रहे हैं, जिससे शिक्षा अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है।