इस समझौते (MoU) के तहत ‘Who Are the Next Idiots?’ नाम से छह महीने का एक प्रोग्राम शुरू किया गया है, जिसका मकसद कॉन्सेप्ट स्टेज या शुरुआती प्रोटोटाइप स्तर के डीप-टेक आइडियाज पर काम करने वाले लोगों को आकर्षित करना है।
IIT बॉम्बे के डीन (एलुमनाई और कॉर्पोरेट रिलेशंस) उपेंद्र भंडारकर के अनुसार, यह सहयोग एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करेगा, जहां शुरुआती डीप-टेक आइडियाज को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें अकादमिक ज्ञान और इंडस्ट्री अनुभव को मिलाकर प्रतिभागियों को मूल्यांकन, मेंटरशिप और संभावित इनक्यूबेशन सपोर्ट दिया जाएगा।
इस प्रोग्राम में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट छात्र, हाल ही में ग्रेजुएट हुए लोग और शुरुआती स्टार्टअप फाउंडर्स भाग ले सकते हैं। वे अकेले या 3-4 लोगों की टीम बनाकर अपने स्केलेबल डीप-टेक आइडियाज प्रस्तुत कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन 28 फरवरी से शुरू हो चुके हैं और 30 अप्रैल 2026 तक खुले रहेंगे। आइडियाज का चयन कई चरणों में किया जाएगा, जिसमें तकनीकी मजबूती, नएपन, व्यवहार्यता और बिजनेस सोच को ध्यान में रखा जाएगा। अंतिम चरण में प्रतिभागियों को अपने आइडिया की व्यवहार्यता दिखानी होगी, जैसे 3D मॉडल, डिजिटल ट्विन या काम करने वाला प्रोटोटाइप प्रस्तुत करके।
ideaForge Technology के, को-फाउंडर और वाइस प्रेसिडेंट (इंजीनियरिंग) राहुल सिंह ने कहा कि इस प्रोग्राम के जरिए रोबोटिक्स, एनर्जी सिस्टम, एडवांस्ड मटेरियल्स और ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले इनोवेटर्स को सपोर्ट किया जाएगा।
IIT बॉम्बे अपने इनोवेशन नेटवर्क के जरिए इस प्रोग्राम को बढ़ावा देगा, चयन प्रक्रिया में मदद करेगा और शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों को इनक्यूबेशन और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। यह पहल भारत के डीप-टेक इनोवेशन को और मजबूत बनाने में मदद करेगी।