Emma Sleep India, जो यूरोप की बड़ी D2C मैट्रेस कंपनी का भारतीय हिस्सा है, इसने FY23 में ₹3 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹212 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है। यानी सिर्फ दो साल में 70 गुना वृद्धि दर्ज की है। कंपनी अपने पहले साल से ही मुनाफे (कंट्रीब्यूशन मार्जिन) में रही है।
यह तेज़ ग्रोथ भारत को Emma के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बनाती है। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में मुख्यालय वाली यह कंपनी 33 देशों में काम करती है और पश्चिमी यूरोप की प्रमुख ब्रांड्स में शामिल है। भारत में कंपनी ने डिजिटल मॉडल के साथ-साथ ऑफलाइन रिटेल पर भी ध्यान दिया है।
सप्तर्षि बसु (Saptarshi Basu) हेड ऑफ मार्केटिंग, ने कहा कि लंबे समय में वही ब्रांड सफल होते हैं जो बिना ज्यादा खर्च किए लगातार बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी ने शुरुआत से ही यूनिट इकॉनॉमिक्स पर ध्यान दिया, जिससे छोटा बिजनेस ₹3 करोड़ से बढ़कर ₹200 करोड़ तक पहुंच सका।
भारत में Emma ने बाकी D2C मैट्रेस ब्रांड्स से अलग रणनीति अपनाई है। कंपनी ने सस्ते दाम या सेलिब्रिटी प्रचार की बजाय प्रोडक्ट की क्वालिटी और स्लीप साइंस पर ध्यान दिया है। इसके मैट्रेस भारत के मौसम और लोगों की जरूरत के अनुसार बनाए गए हैं। साथ ही, कंपनी का मार्केटिंग मॉडल ऐसा है, जो विज्ञापन पर खर्च के सही परिणाम (ROI) पर फोकस करता है।
कंपनी की ग्रोथ के पीछे कई कारण हैं, जैसे लोगों में अच्छी नींद के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ना, प्रीमियम मैट्रेस की बढ़ती मांग और प्रोडक्ट्स की विविधता। Emma अब मैट्रेस के साथ-साथ पिलो, बेड और अन्य स्लीप प्रोडक्ट्स भी पेश कर रही है। कंपनी ने लोकल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को भी मजबूत किया है।
सप्तर्षि बसु ने आगे कहा कि अब कंपनी का अगला लक्ष्य भारत को अपने सबसे बड़े बाजारों में शामिल करना है। इसके लिए कंपनी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करेगी, रिटेल नेटवर्क बढ़ाएगी और अपनी ग्रोथ सिस्टम को और मजबूत बनाएगी।
आने वाले समय में Emma Sleep India भारत में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने, ऑफलाइन स्टोर्स का विस्तार करने और डेटा-आधारित मार्केटिंग व सप्लाई चेन में निवेश जारी रखने की योजना बना रही है।