फॉर्च्यून डेटा सेंटर पार्क तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के कंदुकुर मंडल में करीब 170 एकड़ में विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन रीजन के अंतर्गत आता है। इस परियोजना का नेतृत्व फॉर्च्यून हॉस्पिटैलिटी एंड इंफ्रा एलएलपी अपनी एसपीवी सुदीक्षा एस्टेट्स एलएलपी के जरिए कर रही है। इसके लिए वैश्विक डेटा सेंटर ऑपरेटर्स और हाइपरस्केलर्स के साथ साझेदारी की गई है।
1,600 मेगावाट तक आईटी लोड की क्षमता
इस कैंपस में चार अलग-अलग हाइपरस्केल मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। इनमें कुल 1,200 से 1,600 मेगावाट तक का आईटी लोड संभालने की क्षमता होगी। प्रत्येक मॉड्यूल की क्षमता 400 मेगावाट तक होगी। इनका इस्तेमाल एआई, क्लाउड, कोलोकेशन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए जमीन तेलंगाना इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट के 17 जुलाई 2026 के G.O. Rt. No. 125 के तहत आवंटित की गई है।
2,000 एमवीए बिजली क्षमता हुई स्वीकृत
फॉर्च्यून को TGTRANSCO से 2,000 एमवीए की स्वीकृत बिजली क्षमता मिल चुकी है। परियोजना स्थल POWERGRID के 765/400 केवी इंफ्रास्ट्रक्चर से 500 मीटर से भी कम दूरी पर है। इसके अलावा, यह TGTRANSCO के 400/220 केवी सबस्टेशनों के पास स्थित है।
कूलिंग के लिए कंपनी ट्रीटेड ग्रे-वॉटर और क्लोज्ड-लूप सिस्टम का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इसमें पानी को रिसाइकल किया जाएगा और लगातार निगरानी की जाएगी। कंपनी का लक्ष्य सामान्य औद्योगिक पार्क की तुलना में ताजे पानी के इस्तेमाल को काफी कम रखना है। वहीं बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए कंपनी लंबे समय के सोलर और विंड पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) का इस्तेमाल करेगी। 24 घंटे नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने वाले विकल्पों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग पर जोर
फॉर्च्यून हॉस्पिटैलिटी एंड इंफ्रा के एमडी डॉ. रामकृष्ण ने कहा, “भारत में एआई के लिए तैयार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है। फॉर्च्यून डेटा सेंटर पार्क को प्रमुख वैश्विक डेटा सेंटर ऑपरेटर्स और हाइपरस्केलर्स के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है। परियोजना के डिजाइन में स्थिरता को भी शामिल किया गया है।”
तेलंगाना के इंडस्ट्रीज एंड आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य खुद को वैश्विक एआई डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित कर रहा है और इसके साथ नेट-जीरो लक्ष्यों को भी बनाए रखने पर ध्यान दे रहा है।
गुजरात में 300 एकड़ की दूसरी साइट की योजना
इसके अलावा, फॉर्च्यून ने गुजरात के साणंद में दूसरे डेटा सेंटर पार्क के लिए 300 एकड़ जमीन खरीदने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इसके लिए जमीन आवंटन और जरूरी सरकारी मंजूरियां मिलना बाकी है।
हैदराबाद और भारत फ्यूचर सिटी से कनेक्टिविटी
तेलंगाना में बनने वाला यह कैंपस हैदराबाद और भारत फ्यूचर सिटी के आसपास विकसित हो रहे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर का हिस्सा है। इसे NH-765, आउटर रिंग रोड और राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ कैरियर-न्यूट्रल फाइबर नेटवर्क विकसित करने की भी योजना है।
परियोजना से करीब 4,000 से 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इनमें लगभग 1,000 उच्च-कौशल वाले तकनीकी, इंजीनियरिंग और ऑपरेशनल पद शामिल होंगे।