त्योहारों में दक्षिण भारत के बस रूट्स पर यात्रियों की संख्या 50% तक बढ़ी

त्योहारों में दक्षिण भारत के बस रूट्स पर यात्रियों की संख्या 50% तक बढ़ी

त्योहारों में दक्षिण भारत के बस रूट्स पर यात्रियों की संख्या 50% तक बढ़ी
फ्रेश बस के विश्लेषण के अनुसार, दक्षिण भारत के प्रमुख इंटरसिटी बस रूट्स पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की दैनिक संख्या सामान्य सप्ताह की तुलना में 30-50% तक बढ़ जाती है।

दक्षिण भारत के प्रमुख इंटरसिटी बस रूट्स पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की दैनिक संख्या सामान्य सप्ताह की तुलना में 30-50% अधिक हो जाती है। इलेक्ट्रिक बस ऑपरेटर Fresh Bus के एक विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। कंपनी ने प्रमुख रूट्स पर 6 लाख से अधिक यात्रियों के ट्रैवल पैटर्न का अध्ययन किया।

विश्लेषण के अनुसार, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से कुछ दिन पहले बसों की मांग तेजी से बढ़ती है। त्योहार खत्म होने के बाद यात्रियों की आवाजाही विपरीत दिशा में बढ़ने लगती है। इस दौरान लोग अपने घर जाने, धार्मिक स्थलों की यात्रा करने और छोटी छुट्टियों में घूमने के लिए इंटरसिटी बसों का इस्तेमाल करते हैं।

दशहरा और दिवाली से पहले प्रमुख शहरों से आंध्र प्रदेश जाने वाले बस रूट्स पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। नौकरी करने वाले लोग और परिवार त्योहार मनाने के लिए अपने गृहनगर जाते हैं। त्योहारों के बाद हैदराबाद और बेंगलुरु की ओर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।

कंपनी के अनुसार, हैदराबाद-विजयवाड़ा, विजयवाड़ा-विशाखापत्तनम और बेंगलुरु-तिरुपति प्रमुख व्यस्त रूट्स में शामिल हैं। पहले दो रूट्स पर मुख्य रूप से घर लौटने वाले यात्रियों की मांग रहती है, जबकि तिरुपति रूट पर धार्मिक यात्रियों की भी बड़ी संख्या होती है।

त्योहारों के दौरान घूमने-फिरने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रूट्स पर भी यात्रियों की संख्या में बदलाव देखने को मिलता है। बेंगलुरु-पुडुचेरी और चेन्नई-पुडुचेरी रूट्स पर छोटी छुट्टियों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ती है। वहीं, दिवाली के आसपास बेंगलुरु-चेन्नई रूट पर भी यात्रियों की मांग में तेज वृद्धि दर्ज की जाती है।

फ्रेश बस (Fresh Bus) के विश्लेषण के मुताबिक, सामान्य सप्ताह में बस टिकटों की बुकिंग पूरे सप्ताह में अपेक्षाकृत समान रूप से होती है, लेकिन त्योहारों के दौरान मांग त्योहार से दो से तीन दिन पहले अपने चरम पर पहुंच जाती है। इसके बाद वापसी यात्रा के लिए भी बुकिंग में तेजी आती है।

शाम के समय रवाना होने वाली बसों की सीटें सबसे पहले भर जाती हैं। कंपनी के अनुसार, इसकी एक प्रमुख वजह यह है कि यात्री ऑफिस का काम खत्म करने के बाद यात्रा करना पसंद करते हैं। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सीटें कम होने की संभावना वाले रूट्स पर यात्री अब पहले से टिकट बुक कर रहे हैं।

फ्रेश बस (Fresh Bus) के फाउंडर और सीईओ सुधाकर चिर्रा ने कहा कि भारत में त्योहारों के दौरान यात्रा लंबे समय से घर लौटने से जुड़ी रही है, लेकिन अब यात्रियों की आवाजाही अधिक केंद्रित और योजनाबद्ध होती जा रही है। उन्होंने कहा कि घूमने-फिरने और धार्मिक यात्राओं के नए रुझान पारंपरिक यात्रा पैटर्न में बदलाव ला रहे हैं। ऐसे में यात्रियों की यात्रा की दिशा, समय और उद्देश्य को समझना जरूरी है, ताकि बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए फ्रेश बस  ने अपनी बसों की संख्या पिछले सीजन के लगभग 30 से बढ़ाकर इस साल 100 से अधिक कर दी है। कंपनी ने व्यस्त रूट्स पर अतिरिक्त बस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया है।

कंपनी के अनुसार, ये रुझान दिखाते हैं कि इंटरसिटी मोबिलिटी की मांग अब यात्रियों के उद्देश्य, यात्रा के समय और विशेष रूट्स पर अधिक निर्भर होती जा रही है। ऐसे में त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से योजना बनाना और पर्याप्त बस सेवाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।

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