“The Indian Century – Youth, Innovation and Nation Building” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। लेक्चर का मुख्य फोकस युवाओं की भूमिका, इनोवेशन और शिक्षा के जरिए भारत के भविष्य को मजबूत बनाने पर रहा।
शुभांशु शुक्ला ने छात्रों के साथ साझा किया अंतरिक्ष का अनुभव
लेक्चर के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्री बनने की अपनी यात्रा, प्रशिक्षण और तैयारी के बारे में छात्रों से बात की। उन्होंने Axiom 4 मिशन और International Space Station पर अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष यात्रा के लिए अनुशासन, टीमवर्क, निरंतर सीखने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने जिज्ञासा, मेहनत और बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत बताई।
शुभांशु शुक्ला ने छात्रों से कहा कि उन्हें केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश और समाज के विकास में योगदान देने की सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
छात्रों को मिला इंटरैक्टिव लर्निंग का अवसर
कार्यक्रम के दौरान Seth Anandram Jaipuria School के तीन छात्रों के साथ एक इंटरैक्टिव Fireside Chat भी आयोजित की गई। छात्रों ने शुभांशु शुक्ला से उनके बचपन के सपनों, अंतरिक्ष यात्री बनने की यात्रा, Astronaut Training की चुनौतियों और अंतरिक्ष में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवाल पूछे।
मुख्य कार्यक्रम से पहले शुभांशु शुक्ला ने स्कूल में आयोजित Art Exhibition और Rocket Model Installations का भी दौरा किया। इसके बाद उन्होंने स्कूल की Atal Tinkering Lab का दौरा किया, जहां छात्रों ने अपने Innovative Projects और Creations प्रस्तुत किए।
छात्रों के लिए ‘Space Explorer’ किताबें लॉन्च

कार्यक्रम का एक प्रमुख शिक्षा-केंद्रित हिस्सा Grades 6 to 8 के लिए ‘Space Explorer’ Books का लॉन्च रहा। इन किताबों को Seth Anandram Jaipuria School की Academic Team ने तैयार किया है। इन्हें स्कूल के Curriculum और Jaipuria Space and Astronomy Programme का हिस्सा बनाया जाएगा।
इन किताबों के जरिए छात्रों को Space, Astronomy और India’s growing capabilities in Space Exploration के बारे में व्यवस्थित तरीके से सीखने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाना और STEM तथा Space-related Fields में करियर के प्रति रुचि विकसित करना है।
Youth, Innovation और Education पर जोर
डॉ. राजाराम जयपुरिया मेमोरियल लेक्चर का आयोजन डॉ. राजाराम जयपुरिया की स्मृति और शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े उनके विजन को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है। कार्यक्रम में जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के वरिष्ठ पदाधिकारियों, छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य आमंत्रित अतिथियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की ओर से कहा गया कि 21वीं सदी भारत की सदी बन सकती है और देश की युवा आबादी इसकी बड़ी ताकत है। शिक्षा, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और मानव क्षमता के बेहतर उपयोग को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
81 वर्षों की शिक्षा विरासत
सेठ आनंद राम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के तहत नॉर्थ और सेंट्रल इंडिया में 27 के-12 स्कूल, 7 प्री-स्कूल, 2 मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट और एक टीचर्स ट्रेनिंग अकादमी संचालित की जाती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में 81 वर्षों की विरासत के साथ समूह के पास करीब 20,000 छात्र, 15,000 पूर्व छात्र और 1,000 शिक्षक एवं शिक्षा विशेषज्ञों का समुदाय है।