कंपनी ने Reuters को इसकी पुष्टि की है। जून 2026 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को Severance Package यानी मुआवजा दिया जाएगा। Alphabet आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बड़े निवेश के बीच अपने खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
यह नया कार्यक्रम पिछले साल से अमेरिका और ब्रिटेन में कंपनी के कुछ विभागों में चलाए जा रहे स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के कार्यक्रमों के बाद आया है। स्विट्जरलैंड में इस योजना के तहत कर्मचारियों को उनकी हर एक साल की सेवा के बदले एक महीने की सैलरी देने की पेशकश की गई है। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 12 महीने की सैलरी रखी गई है। इस ऑफर को स्वीकार करने वाले कर्मचारियों ने अगस्त से कंपनी छोड़ना शुरू कर दिया था।
Google ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि कितने कर्मचारियों ने इस ऑफर को स्वीकार किया है। हालांकि, मामले से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार, लगभग 50 कर्मचारियों वाली एक टीम के कम से कम चार कर्मचारियों ने इस योजना को स्वीकार किया है।
इससे पहले Google Cloud और AI यूनिट DeepMind को कंपनी के स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने वाले ऑफर से बाहर रखा गया था। स्विट्जरलैंड में भी DeepMind के कर्मचारियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। कंपनी की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अनात अशकेनाजी लगातार AI और क्लाउड कंप्यूटिंग को कंपनी की प्रमुख भर्ती प्राथमिकताओं में शामिल करती रही हैं। हालांकि, Google के कम से कम एक विभाग में स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के ऑफर के बाद कर्मचारियों की छंटनी भी की गई थी।
यह कदम ऐसे समय में आया है, जब Microsoft ने 26 अक्टूबर को स्वैच्छिक बायआउट योजना की घोषणा की है। Reuters के अनुसार, Microsoft की यह योजना लगभग 60,000 कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है।
Google के एक प्रवक्ता ने कहा, "2025 में हमारी कुछ टीमों ने Severance Package के साथ स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का कार्यक्रम शुरू किया था।"