ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Greaves Electric Mobility) ने अपने एम्पेयर ब्रांड की ग्रोथ रणनीति के तहत 1 लाख से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट पर ध्यान बनाए रखने का फैसला किया है। कंपनी का मानना है कि भारत के मास मार्केट में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में किफायती कीमत सबसे अहम भूमिका निभाएगी।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास सिंह के अनुसार, वैल्यू सेगमेंट में सबसे बड़ा और टिकाऊ अवसर मौजूद है, जहां देश की बड़ी आबादी और ग्रोथ की संभावनाएं केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी इस सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ के चलते भविष्य में भी इसे प्राथमिकता देती रहेगी।
एम्पेयर के पोर्टफोलियो में एंट्री-लेवल स्कूटर जैसे रियो 80 से लेकर प्रीमियम मॉडल Nexus तक शामिल हैं, जिससे कंपनी पहली बार खरीदारी करने वाले ग्राहकों और फीचर-रिच टू-व्हीलर चाहने वालों दोनों को टारगेट कर रही है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 (FY2027) तक छठी पीढ़ी का एक नया मास मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की योजना बना रही है, जो पेट्रोल टू-व्हीलर्स को रिप्लेस करने में सक्षम होगा।
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एम्पेयर फरवरी 2026 में 4,478 यूनिट्स की बिक्री के साथ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रिटेल में पांचवें स्थान पर पहुंच गई और ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) को पीछे छोड़ दिया। FY2026 में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 4.4% हो गई, जबकि रजिस्ट्रेशन 51% बढ़कर 61,641 यूनिट्स तक पहुंच गए।
कंपनी का लक्ष्य आने वाले समय में डबल-डिजिट मार्केट शेयर हासिल करना है, जिसके लिए वह अपने डीलर नेटवर्क और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। वर्तमान में Ampere 27 राज्यों में 500 से अधिक डीलर्स के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है।
सरकारी सब्सिडी में कमी के बावजूद कंपनी को मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। सिंह के मुताबिक, कम रनिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट जैसे दीर्घकालिक फायदे अब ग्राहकों के खरीद निर्णय को प्रभावित कर रहे हैं।
प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी पर ध्यान
कंपनी तेजी से कई नए प्रोडक्ट लॉन्च करने के बजाय एक संतुलित रणनीति अपना रही है, जिसमें नियमित अंतराल पर नए मॉडल लाए जाएंगे। साथ ही, कंपनी अपने वाहन प्लेटफॉर्म को एकीकृत कर लागत कम करने और उत्पादन दक्षता बढ़ाने पर काम कर रही है।
एक्सपोर्ट और IPO की तैयारी
घरेलू बाजार के साथ-साथ कंपनी नेपाल और फिलीपींस जैसे देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। एक्सपोर्ट को कंपनी भविष्य में ग्रोथ का दूसरा बड़ा स्तंभ मान रही है।
वहीं, ग्रीव्स कॉटन लिमिटेड की इस सहायक कंपनी ने IPO के जरिए 1,000 करोड़ जुटाने की योजना बनाई है। इस फंड का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के लिए किया जाएगा। कंपनी बेंगलुरु में अपने टेक्नोलॉजी सेंटर को मजबूत करने और तमिलनाडु के रणिपेट में FY2027 तक इन-हाउस बैटरी पैक असेंबली लाइन स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
कुल मिलाकर, ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का मानना है कि किफायती कीमत और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी ही भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की अगली ग्रोथ को दिशा देंगे।