यह नियुक्ति 9 अप्रैल 2026 से अगले पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी। कंपनी ने यह फैसला अपने बोर्ड मीटिंग में लिया, जिसकी आधिकारिक जानकारी 7 मई को दर्ज की गई। माना जा रहा है कि यह कदम Jio Platforms के प्रस्तावित IPO (Initial Public Offering) से पहले रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
आकाश अंबानी लंबे समय से Reliance Jio के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार से जुड़े रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में Reliance Jio के साथ काम शुरू किया था और कंपनी की 4G तथा डिजिटल सेवाओं के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। साल 2022 में उन्हें non-executive director की भूमिका से प्रमोट कर Jio Platforms का chairman बनाया गया था। अब Managing Director के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी कंपनी के भविष्य के विस्तार और निवेश रणनीतियों को गति देने पर केंद्रित होगी।
कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह नियुक्ति shareholders की मंजूरी के अधीन होगी। इसके साथ ही Jio Platforms ने प्रसिद्ध कॉरपोरेट वकील Zia Mody को independent director के रूप में बोर्ड में शामिल किया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी की कॉरपोरेट गवर्नेंस और IPO तैयारी को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Jio Platforms ने FY26 में मजबूत revenue growth दर्ज की है और कंपनी अब भारतीय शेयर बाजार में बड़ी लिस्टिंग की तैयारी कर रही है। Jio Platforms वर्तमान में telecom, digital services, cloud computing, AI, entertainment, e-commerce और enterprise technology जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आकाश अंबानी की नियुक्ति Reliance Group की अगली पीढ़ी के नेतृत्व परिवर्तन का भी महत्वपूर्ण संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने Jio के 5G rollout, digital ecosystem expansion और technology partnerships को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
Jio Platforms को भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में गिना जाता है और इसके IPO को आने वाले समय का सबसे चर्चित public issue माना जा रहा है। Analysts का मानना है कि कंपनी की market valuation listing के समय काफी ऊंची हो सकती है, क्योंकि Jio ने भारत के डिजिटल और telecom सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाई हुई है।