भारत और वियतनाम के बीच बढ़े संबंध, साल 2030 तक 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

भारत और वियतनाम के बीच बढ़े संबंध, साल 2030 तक 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

भारत और वियतनाम के बीच बढ़े संबंध, साल 2030 तक 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और वियतनाम ने संबंध मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में 13 अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा के दौरान हुए।


दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है। वर्तमान में भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 16 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जो पिछले दशक में दोगुना हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद कहा कि दोनों देशों ने व्यापार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय दवाओं की वियतनाम में पहुंच आसान बनाने के लिए दोनों देशों की दवा नियामक संस्थाओं के बीच समझौता हुआ है। इसके अलावा कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों के निर्यात को भी सरल बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जल्द ही वियतनाम में भारतीय अंगूर और अनार पहुंचेंगे, जबकि भारत में वियतनाम के ड्यूरियन और पोमेलो जैसे फलों का स्वाद लोग ले सकेंगे।

पर्यटन और लोगों के बीच बढ़े संबंध

भारत और वियतनाम के बीच लोगों के स्तर पर भी संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025 में लगभग 7.5 लाख भारतीय पर्यटक वियतनाम पहुंचे, जो पिछले साल की तुलना में करीब 50 प्रतिशत अधिक है।

भारतीय बाजार में बढ़ रही वियतनामी कंपनियों की मौजूदगी

वियतनाम की कई टेक कंपनियां भी भारतीय बाजार में तेजी से विस्तार कर रही हैं। खासतौर पर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast ने पिछले वर्ष भारत में एंट्री की थी। कंपनी तमिलनाडु के तूतीकोरिन में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब भी संचालित कर रही है। इसके अलावा वियतनाम की बड़ी कंपनी Vingroup ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 6.5 अरब डॉलर के निवेश की संभावनाओं को लेकर समझौता किया है। यह निवेश शहरी विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी और सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।

वियतनाम में भारत के 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2026 तक भारतीय निवेशकों के वियतनाम में 503 सक्रिय प्रोजेक्ट थे, जिनमें कुल निवेश करीब 1.117 अरब डॉलर है। निवेश के मामले में भारत वियतनाम में निवेश करने वाले 154 देशों में 26वें स्थान पर है।

डिजिटल पेमेंट और नई तकनीकों पर सहयोग

दोनों देशों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच डिजिटल पेमेंट और वित्तीय नवाचार को लेकर समझौता हुआ है। इसके तहत QR कोड आधारित रिटेल पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की योजना है, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा भारत की NPCI और वियतनाम की नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन के बीच भी क्रॉस-बॉर्डर QR कोड पेमेंट सिस्टम को विकसित करने के लिए समझौता हुआ है।

AI, 6G और स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस

भारत और वियतनाम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 6G, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस टेक्नोलॉजी, परमाणु तकनीक, समुद्री विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही IREL (India) Limited और वियतनाम के Institute for Technology of Radioactive and Rare Elements (VINATOM) के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से भारत और वियतनाम के बीच व्यापार, तकनीक, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को आने वाले वर्षों में नई मजबूती मिलेगी।

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