लखनऊ: उत्तर प्रदेश तेजी से भारत की आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश-अनुकूल माहौल, MSME को बढ़ावा, कौशल विकास और डिजिटल परिवर्तन के जरिए राज्य ने खुद को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था (Trillion Dollar Economy) बनाने की दिशा में मजबूत स्थिति में खड़ा किया है। यही संदेश Entrepreneur Game Changer Awards 2026 - उत्तर प्रदेश के दौरान आयोजित विशेष सत्र "Mission Trillion Dollar UP: Building the Growth Engine of New India" में दिया गया।
Hotel Renaissance, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक, Entrepreneur India & APAC के एडिटोरियल डायरेक्टर सचिन मार्या, Entrepreneur India के संपादक संजीव झा, सूर्य प्रताप शाही, डी.पी. सिंह सहित उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उत्तर प्रदेश बन रहा है निवेश और उद्यमिता का नया केंद्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि भारत का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाज़ार और निवेश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर के उद्योगपति और निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर देख रहे हैं क्योंकि राज्य ने उद्योगों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और अनुकूल कारोबारी वातावरण का सफलतापूर्वक निर्माण किया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग के विकास के लिए बड़ा बाज़ार, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर कानून-व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है और उत्तर प्रदेश ने इन तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
एक्सप्रेस-वे, रेलवे और एयरपोर्ट ने बदली प्रदेश की तस्वीर
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक एक्सप्रेस-वे वाला राज्य बन चुका है। सभी 75 जिलों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें प्रदेश के प्रमुख शहरों को तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान कर रही हैं।
हवाई संपर्क पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो-तीन प्रभावी एयरपोर्ट थे, जबकि आज 17 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं और जल्द ही यह संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी। उन्होंने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बताते हुए कहा कि इसके साथ देश की पहली अत्याधुनिक विमान मरम्मत (MRO) सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी हुआ बड़ा बदलाव
ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अधिकतम 15–16 हजार मेगावाट बिजली की मांग पूरी कर पाता था, जबकि आज राज्य 32 हजार मेगावाट से अधिक की पीक डिमांड पूरी करने का रिकॉर्ड बना चुका है। सभी जिलों में समान रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 83 हो चुकी है। शेष जिलों में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन बना आर्थिक विकास का नया आधार
उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन और विंध्याचल जैसे धार्मिक स्थलों के विकास ने उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बना दिया है। पर्यटन के बढ़ते दायरे ने स्थानीय रोजगार, व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी नई गति प्रदान की है।
बेहतर कानून-व्यवस्था से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में संगठित अपराध, माफिया और अवैध कब्ज़े जैसी समस्याएं निवेश के लिए बड़ी बाधा थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुए हैं, जिसके कारण आज उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद राज्य बनकर उभरा है।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर भारतीय अर्थव्यवस्था के विज़न में उत्तर प्रदेश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 350 -400 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच चुकी है और निरंतर विस्तार कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य का बजट भी वर्ष 2017 की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
MSME और ODOP ने बदली स्थानीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में MSME क्षेत्र, कृषि और कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने One District One Product (ODOP) योजना को राज्य के सबसे सफल मॉडलों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से अमरोहा की ढोलक, पीलीभीत की बाँसुरी, अलीगढ़ के ताले, मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन, बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी और अन्य पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब सरकार One District One Cuisine (ODOC) के माध्यम से स्थानीय व्यंजनों को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज GST संग्रह के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुँच चुका है और भविष्य में पहले स्थान पर आने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके साथ ही फिल्म शूटिंग, स्टार्टअप्स, पर्यटन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में भी राज्य तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के पास सस्ती भूमि, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल कार्यबल और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं, जो इसे देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल करती हैं।
'विकसित भारत 2047' में उत्तर प्रदेश निभाएगा निर्णायक भूमिका
अपने संबोधन के अंत में ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और उद्योग जगत के साथ मिलकर नवाचार, निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'मिशन ट्रिलियन डॉलर यूपी' केवल उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का लक्ष्य नहीं, बल्कि 'न्यू इंडिया' की विकास यात्रा का सबसे मजबूत ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।