मुंबई: 9 जुलाई को The Westin Mumbai Garden City में आयोजित Entrepreneur India Investment Forum 2026 में देशभर के स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों, फैमिली ऑफिस और उद्योग जगत के नेताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत "The Era of Entrepreneurship: Capital Meets Builders" विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा से हुई, जिसमें भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के अगले चरण, निवेश, AI, गवर्नेंस, लाभप्रदता और दीर्घकालिक विकास जैसे अहम विषयों पर चर्चा की गई।
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब तेजी से बदल रहा है। पहले जहां फोकस केवल तेज़ ग्रोथ (Hypergrowth) पर था, वहीं अब स्टार्टअप्स मजबूत गवर्नेंस, अनुशासित कार्यप्रणाली, लाभप्रद बिजनेस मॉडल और लंबे समय तक टिकाऊ विकास पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इसी बदलाव को इस पैनल चर्चा का मुख्य विषय बनाया गया।
इस चर्चा का संचालन Entrepreneur India की मैनेजिंग एडिटर पुनीता कपूर ने किया। पैनल में BankBazaar के फाउंडर और सीईओ अधिल शेट्टी, Soren Investments के पार्टनर सुबीर मोंगा, Alteria Capital के, को-फाउंडर एवं मैनेजिंग पार्टनर विनोद मुरली और Aditya Birla Ventures के प्रमुख पियूष बंसल शामिल हुए। सभी विशेषज्ञों ने AI, निवेश, IPO, गवर्नेंस और स्टार्टअप निर्माण के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।
चर्चा के दौरान अधिल शेट्टी ने बताया कि भारत हर कुछ वर्षों में उद्यमियों के लिए बड़े अवसर लेकर आता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने BankBazaar के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब कंपनी वीडियो KYC से लेकर हजारों मार्केटिंग कैंपेन तैयार करने तक AI एजेंट्स का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि AI केवल कर्मचारियों की जगह लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऐसे नए सिस्टम तैयार करने में मदद कर रहा है, जिनकी कुछ वर्ष पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
इसके बाद सुबीर मोंगा ने कहा कि भारत में AI का उपयोग अमेरिका जैसे विकसित देशों से अलग होगा। जहां अन्य देशों में AI का इस्तेमाल श्रम लागत कम करने के लिए किया जा रहा है, वहीं भारत में इसका उपयोग उत्पादकता बढ़ाने और संगठनों को अधिक सक्षम बनाने के लिए होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले सात वर्षों में भारत एक नए आर्थिक बदलाव का गवाह बनेगा और यह अवसर जीवन में एक बार मिलने वाले अवसर जैसा होगा।
विनोद मुरली ने कहा कि AI के अलावा भारत में घरेलू निवेश (Domestic Capital) तेजी से बढ़ा है। साथ ही, स्टार्टअप फाउंडर्स पहले की तुलना में अधिक परिपक्व और रणनीतिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि निवेश का आकार बढ़ा है, लेकिन किसी भी स्टार्टअप की सफलता का सबसे बड़ा आधार आज भी बेहतर एक्जीक्यूशन (Execution) ही है। उन्होंने कहा कि सफल स्टार्टअप वही होते हैं जो छोटी गलतियों से सीखते हैं और बड़े अवसरों का अधिकतम लाभ उठाते हैं।
पियूष बंसल ने बताया कि Aditya Birla Ventures किसी भी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले चार प्रमुख बातों पर ध्यान देता है - बाजार के अवसर का आकार, संस्थापक की नेतृत्व क्षमता, मजबूत यूनिट इकॉनॉमिक्स और संस्थापक की दीर्घकालिक सोच। उन्होंने कहा कि केवल बड़ा बिजनेस बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत बिजनेस मॉडल और टिकाऊ विकास सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।
चर्चा के दौरान निवेशकों और संस्थापकों के बदलते संबंधों पर भी विस्तार से बात हुई। अधिल शेट्टी ने कहा कि निवेशक केवल पूंजी उपलब्ध नहीं कराते, बल्कि वे अपने अनुभव के आधार पर फाउंडर्स को रणनीतिक सलाह, सही साझेदारों से परिचय और जटिल व्यावसायिक निर्णयों में भी सहयोग देते हैं। कई बार निवेशकों का अनुभव स्टार्टअप की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सुबीर मोंगा ने कहा कि उनकी संस्था फाउंडर्स को केवल निवेश ही नहीं देती, बल्कि भर्ती, नए ग्राहक जोड़ने और व्यवसाय संचालन जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय सहयोग करती है। वहीं विनोद मुरली और पियूष बंसल ने कहा कि आज के स्टार्टअप फाउंडर्स अपने निवेशकों से केवल फंडिंग नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की भी उम्मीद रखते हैं।
चर्चा में IPO की तैयारी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर भी विशेष जोर दिया गया। विनोद मुरली ने कहा कि अब स्टार्टअप्स को Series B चरण से ही मजबूत गवर्नेंस और पारदर्शी प्रक्रियाओं पर काम शुरू कर देना चाहिए, ताकि भविष्य में पब्लिक लिस्टिंग के समय किसी प्रकार की चुनौती न आए। उन्होंने कहा कि अब केवल लगातार पैसा खर्च करने वाली रणनीति सफल नहीं होगी।
पियूष बंसल ने भी कहा कि IPO की तैयारी अंतिम समय में नहीं की जा सकती। इसके लिए कंपनियों को कई वर्ष पहले से मजबूत प्रक्रियाएं, वित्तीय अनुशासन और प्रभावी सिस्टम तैयार करने होते हैं।
चर्चा के अंत में सभी विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि स्टार्टअप फाउंडर्स की महत्वाकांक्षा और निवेशकों का अनुभव मिलकर मजबूत और टिकाऊ कंपनियों का निर्माण कर सकते हैं। पियूष बंसल ने कहा कि भारत में उद्यमिता का अगला चरण पहले से कहीं अधिक साहसी, महत्वाकांक्षी और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में नई पहचान बनाएगा।