नेक्सॉन जियोकेम प्राइवेट लिमिटेड ने रूस की टेक्नोलॉजी पार्टनर गिरेडमेट (Giredmet) के साथ भारतीय मूल के रॉ मैटिरियल के तकनीकी मूल्यांकन और बेंचमार्किंग का पहला चरण पूरा कर लिया है। यह परीक्षण हाई-परफॉर्मेंस Nd-Fe-B परमानेंट मैग्नेट के निर्माण के लिए किया गया है।
कंपनी के अनुसार, पहले बैच की सफल टेस्टिंग के बाद अब वह पायलट प्रोडक्शन, तकनीकी क्वालिफिकेशन और घरेलू ग्राहकों के साथ प्रोडक्ट वैलिडेशन की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
नेक्सॉन जियोकेम (Nexon Geochem) भारत में ही कच्चे माल से तैयार परमानेंट मैग्नेट बनाने के लिए एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग चेन विकसित कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य N35 से N52 ग्रेड तक के हाई-परफॉर्मेंस परमानेंट मैग्नेट का घरेलू स्तर पर उत्पादन करना है। इसके लिए भारत से प्राप्त कच्चे माल को मैग्नेट निर्माण की पूरी प्रक्रिया से गुजारने की योजना है।
तकनीकी मूल्यांकन के तहत नेक्सॉन जियोकेम (Nexon Geochem) ने भारत में प्राप्त Nd-Pr ऑक्साइड, आयरन और फेरोबोरोन को रूस स्थित गिरेडमेट (Giredmet) की सुविधा में भेजा। वहां Nd-Pr ऑक्साइड को Nd-Pr मेटल में बदलने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।
इसके साथ ही रॉ मैटिरियल की रासायनिक संरचना और अशुद्धियों की जांच की गई। मैग्नेट के प्रदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों को भी बेंचमार्क किया गया, ताकि भारतीय मूल के कच्चे माल की क्वालिटी और तकनीकी क्षमता का आकलन किया जा सके।
नेक्सॉन जियोकेम (Nexon Geochem) के फाउंडर प्रवीण चौधरी ने कहा कि यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया के जरिए भारतीय मूल के कच्चे माल को जरूरी टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने का तकनीकी रास्ता सफलतापूर्वक प्रमाणित हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब कंपनी का ध्यान इस सफल तकनीकी प्रक्रिया को पायलट प्रोडक्शन और भारत में ग्राहक अनुप्रयोगों तक ले जाने पर है।