भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा से जोड़ने की पहल, पंचतंत्र परियोजना के जरिए छात्रों के कौशल विकास पर जोर

भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा से जोड़ने की पहल, पंचतंत्र परियोजना के जरिए छात्रों के कौशल विकास पर जोर

भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा से जोड़ने की पहल, पंचतंत्र परियोजना के जरिए छात्रों के कौशल विकास पर जोर
यह पहल NEP 2020 के तहत भारतीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास है। पंचतंत्र की कहानियों के जरिए छात्रों में नेतृत्व क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।


इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने NIEPA के नए अकादमिक भवन का भी उद्घाटन किया - 

भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System-IKS) पंचतंत्र परियोजना शुरू की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 29 अक्टूबर 2026 को इस पहल की शुरुआत की। परियोजना का उद्देश्य पंचतंत्र की प्राचीन कहानियों के माध्यम से युवा विद्यार्थियों में जीवन कौशल विकसित करना है। इसमें नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता पर विशेष जोर दिया गया है।

पंचतंत्र की कहानियों से विकसित होंगे जीवन कौशल

IKS पंचतंत्र परियोजना के तहत पारंपरिक भारतीय कहानियों को विद्यार्थियों के सीखने और व्यक्तित्व विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया है। पंचतंत्र की कहानियां पशु-पक्षियों के पात्रों और उनके अनुभवों के माध्यम से निर्णय लेने, समस्याओं को समझने और व्यवहार से जुड़े सबक प्रस्तुत करती हैं।

इस पहल का उद्देश्य इन कहानियों के जरिए विद्यार्थियों को केवल नैतिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि उनमें परिस्थितियों का विश्लेषण करने, सही निर्णय लेने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने जैसे कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। हालांकि, परियोजना के तहत किन कक्षाओं के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा और स्कूलों में इसे किस तरह लागू किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

NEP 2020 के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर

परियोजना की शुरुआत के दौरान प्रह्लाद जोशी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के माध्यम से आधुनिक नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपराओं के बीच तालमेल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने IKS पंचतंत्र परियोजना को भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके अनुसार, इस पहल के जरिए युवा विद्यार्थियों में मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

NEP 2020 में भी विद्यार्थियों के समग्र विकास, अवधारणाओं की बेहतर समझ और आलोचनात्मक सोच को महत्व दिया गया है। पंचतंत्र की कहानियों को शिक्षा से जोड़ने की पहल इसी व्यापक उद्देश्य के संदर्भ में देखी जा सकती है।

NIEPA के नए अकादमिक भवन का उद्घाटन

इसी कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) के नए अकादमिक भवन का उद्घाटन भी किया। यह संस्थान शिक्षा नियोजन, प्रशासन, शोध और शैक्षिक नीतियों से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। पंचतंत्र परियोजना के लिए अभी विस्तृत कार्ययोजना, निर्धारित बजट, भाग लेने वाले स्कूलों और लागू करने की समयसीमा की जानकारी सामने नहीं आई है। इन विवरणों से यह स्पष्ट होगा कि इस पहल को कक्षाओं में किस तरह लागू किया जाएगा।

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