केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती के बावजूद भारत 2026-27 (FY27) में 1 ट्रिलियन डॉलर के एक्सपोर्ट्स लक्ष्य को हासिल कर लेगा। यह लक्ष्य पिछले साल के 863 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से करीब 16% अधिक है। गोयल 31वें CII पार्टनरशिप समिट के आयोजन से पहले आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
गोयल ने कहा, “पहली छमाही के आंकड़ों को देखते हुए मुझे भरोसा है कि हम यह लक्ष्य हासिल कर लेंगे।”
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच भारत का कुल एक्सपोर्ट्स 399.27 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। गोयल ने बताया कि यह लक्ष्य ऐसे समय में रखा गया है, जब वैश्विक आर्थिक वृद्धि 3% से नीचे रहने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की वृद्धि दर केवल 2.5% से 3% रहने का अनुमान है। उन्होंने भारत के एक्सपोर्ट्स में तेजी का श्रेय देश के 6.3 करोड़ एमएसएमई, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और करीब 2.5 लाख स्टार्टअप्स को दिया।
उन्होंने आगे कहा, “यह लक्ष्य सरकार ने नहीं, बल्कि भारत के लोगों और कारोबारियों ने तय किया है।” उन्होंने आगे कहा, “जब दुनिया दीवारें खड़ी कर रही है, तब भारत पुल बना रहा है।”
गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले साढ़े चार वर्षों में 38 विकसित देशों के साथ नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। इन देशों की संयुक्त ग्लोबल जीडीपी 60 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि 2014 से पहले किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से जुड़े देशों की संयुक्त जीडीपी 10 ट्रिलियन डॉलर थी। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से छोटे कारोबारियों को कृषि उत्पादों, समुद्री उत्पादों, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामान के एक्सपोर्ट्स के लिए नए बाजार मिलेंगे। वहीं उन्होंने कहा, “हमने जो भी समझौते किए हैं, उनमें भारतीय कृषि, हमारे मछुआरों और एमएसएमई जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा की गई है।”
गोयल ने Confederation of Indian Industry (CII) से अपने सभी राज्य परिषदों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के इस्तेमाल में मदद करने के लिए विशेष डेस्क स्थापित करने का आग्रह किया। इन डेस्क के माध्यम से एमएसएमई को विदेशी बाजारों, नियमों और शर्तों तथा विदेशों में होने वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1% किए जाने का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि उन्हें इस साल 7% से अधिक वृद्धि की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौजूदा 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। टेक्नोलॉजी पर उन्होंने कहा कि भारत नई तकनीकों से डरने के बजाय दुनिया की बेहतरीन तकनीकों को अपनाएगा। उन्होंने कहा, “वह दौर अब बीत चुका है, जब भारत को चिंता होती थी कि नई तकनीकों से नौकरियां कम हो सकती हैं।” उन्होंने साइबर सिक्योरिटी और ऐप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का भी उल्लेख किया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनका राज्य विशाखापत्तनम में 12 और 13 नवंबर को होने वाले समिट के दौरान औद्योगिक प्रोत्साहनों के लिए एक एस्क्रो अकाउंट शुरू करेगा। उन्होंने राज्य में आने वाली प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विशाखापत्तनम में 5 गीगावॉट की अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित की जाएगी, तिरुपति में 10,000 एकड़ में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाया जाएगा और फरवरी 2027 में अमरावती में क्वांटम कंप्यूटर लॉन्च किया जाएगा। राज्य ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया का एक्सपोर्ट्स भी बढ़ाना चाहता है। इसके अलावा, भारत के 500 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य में कम से कम 160 गीगावॉट का योगदान देने की योजना है, जिसमें से करीब 110 गीगावॉट की परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है।