स्मार्टग्रिड एनालिटिक्स का नया प्लेटफॉर्म एनर्जी मैनेजमेंट को बनाएगा बेहतर

स्मार्टग्रिड एनालिटिक्स का नया प्लेटफॉर्म एनर्जी मैनेजमेंट को बनाएगा बेहतर

स्मार्टग्रिड एनालिटिक्स का नया प्लेटफॉर्म एनर्जी मैनेजमेंट को बनाएगा बेहतर
स्मार्टग्रिड एनालिटिक्स पेश करेगी Solvyn AURA, जो रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज को बनाएगा बेहतर। यह प्लेटफॉर्म ऊर्जा कंपनियों को कामकाज बेहतर बनाने और बिजली उत्पादन से जुड़े जोखिम कम करने में सहायता करेगी।

स्मार्टग्रिड एनालिटिक्स (Smartgrid Analytics) रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (REI Expo) 2026 में अपना नया प्लेटफॉर्म Solvyn AURA पेश करेगी। यह प्लेटफॉर्म रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज से जुड़े फैसलों को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन का अनुमान लगाने, बैटरी के उपयोग की योजना बनाने और बिजली बाजार में बेहतर फैसले लेने में मदद करना है।

भारत में डिजिटल सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा सेंटर की संख्या और बिजली की जरूरत भी बढ़ रही है। अनुमान है कि देश में डेटा सेंटर की क्षमता 2036 तक बढ़कर 24 से 26 गीगावाट (GW) हो सकती है, जबकि वर्तमान क्षमता 2 GW से कम बताई गई है। वहीं, भारत ने 2035-36 तक 800 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा उत्पादन और भंडारण का बेहतर प्रबंधन महत्वपूर्ण हो गया है।

कंपनी के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर की बिजली जरूरत 2020 में लगभग 375 मेगावाट (MW) थी, जो अगस्त 2026 तक बढ़कर करीब 1,575 MW हो गई। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक, 2030 तक इसमें कई गीगावाट की और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज का बेहतर उपयोग डेटा सेंटर की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।

सॉल्वी ऑरा (Solvyn AURA) सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन का अनुमान लगाने के साथ-साथ बैटरी की स्थिति, बिजली ग्रिड की सीमाओं और बाजार में बिजली की कीमतों जैसे कारकों का विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर यह ऊर्जा कंपनियों को बिजली उत्पादन और आपूर्ति की योजना बनाने, बैटरी का सही समय पर इस्तेमाल करने और बिजली बाजार में बेहतर बोली लगाने में मदद करेगा। इससे ऊर्जा परिसंपत्तियों से होने वाली कमाई बढ़ाने और बिजली उत्पादन में अनुमान से होने वाले अंतर के कारण लगने वाले जुर्माने का जोखिम कम करने में सहायता मिल सकती है।

यह प्लेटफॉर्म स्वतंत्र बिजली उत्पादकों, बिजली वितरण और उत्पादन कंपनियों तथा सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज जैसे कई ऊर्जा स्रोतों का संचालन करने वाली कंपनियों के लिए उपयोगी हो सकता है। यह बैटरी के चार्ज स्तर, उसकी सेहत, संचालन और वारंटी से जुड़ी सीमाओं तथा ग्रिड की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करेगा। हालांकि, वास्तविक समय में उपकरणों का नियंत्रण करने और ग्रिड से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने का काम एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) और पावर प्लांट कंट्रोलर (PPC) जैसे सिस्टम करेंगे।

स्मार्टग्रिड एनालिटिक्स के संस्थापक और सीईओ डॉ. कुमार एम ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के अगले चरण में केवल क्षमता बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बेहतर फैसले लेने वाली तकनीक भी जरूरी होगी। उनके अनुसार, Solvyn AURA ऊर्जा कंपनियों को बदलती परिस्थितियों में उत्पादन, बैटरी स्टोरेज और व्यावसायिक फैसलों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ महत्वपूर्ण खनिजों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के बेहतर प्रबंधन की जरूरत बढ़ रही है। वर्ष 2022 में दुनिया भर में लगभग 6.2 करोड़ टन ई-कचरा पैदा हुआ था। इसमें मौजूद धातुओं का अनुमानित मूल्य 91 अरब अमेरिकी डॉलर था, लेकिन केवल 22.3 प्रतिशत ई-कचरे को औपचारिक रूप से इकट्ठा करके रिसाइकिल किया गया। भारत भी महत्वपूर्ण खनिजों की रिसाइक्लिंग और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रहा है।

सॉल्वी ऑरा (Solvyn AURA) के जरिए कंपनी का लक्ष्य रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज परिसंपत्तियों का बेहतर संचालन करने, ऊर्जा कंपनियों के कामकाज को आसान बनाने और उनकी व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने में मदद करना है। 

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