रेनमैटर (Rainmatter) ने 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से अब तक 160 से अधिक भारतीय स्टार्टअप्स में 1,500 करोड़ रुपये (करीब 180 मिलियन डॉलर) से ज्यादा का निवेश किया है। यह जानकारी कंपनी के सीईओ नितिन कामथ ने साझा की।
ज़ेरोधा (Zerodha) द्वारा समर्थित रेनमैटर (Rainmatter) ने शुरुआत में भारत के कैपिटल मार्केट्स इकोसिस्टम पर फोकस किया था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में इसका दायरा काफी बढ़ गया है। अब यह फिनटेक, क्लाइमेट, हेल्थ, मीडिया और डीप टेक जैसे विभिन्न सेक्टर्स में निवेश कर रहा है।
नितिन कामथ के अनुसार, रेनमैटर (Rainmatter) पारंपरिक वेंचर कैपिटल फर्म्स से अलग मॉडल अपनाता है। कंपनी न तो बोर्ड सीट लेती है और न ही जल्दी एग्जिट पर ध्यान देती है, बल्कि लंबी अवधि के लिए स्टार्टअप्स को सपोर्ट करती है।
रेनमैटर (Rainmatter) की निवेश रणनीति ज़ेरोधा की व्यापक सोच से जुड़ी है, जिसके तहत कंपनी अपनी कमाई का 10% स्टार्टअप्स में निवेश और 10% सामाजिक विकास पहलों पर खर्च करती है।
कंपनी के पोर्टफोलियो में क्लाइमेट टेक (44 स्टार्टअप्स) की सबसे अधिक हिस्सेदारी है, इसके बाद हेल्थ और फिटनेस (41), फिनटेक (37) और अन्य सेक्टर्स शामिल हैं। इसके प्रमुख निवेशों में Jupiter, smallcase, PeeSafe, Praan Health और The Whole Truth जैसे नाम शामिल हैं।
हालांकि अब तक 160 से अधिक स्टार्टअप्स में निवेश किया जा चुका है, लेकिन वर्तमान में 145 कंपनियां ही पोर्टफोलियो में सूचीबद्ध हैं, जिससे संकेत मिलता है कि करीब 15 निवेशों से एग्जिट किया जा चुका है। पिछले कुछ वर्षों में रेनमैटर के निवेश और पोर्टफोलियो दोनों में तेजी से वृद्धि हुई है, जो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में इसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।