पंजाब सरकार ने ऑब्जर्वेशन होम्स और स्पेशल होम्स में रहने वाले बच्चों के लिए एक संरचित कौशल विकास कार्यक्रम (स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम) शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके भविष्य को बेहतर दिशा देना है।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को फरीदकोट स्थित ऑब्जर्वेशन होम फॉर बॉयज़ में किया गया। इस अवसर पर पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह पहल संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के पहले चरण में राज्य के चार बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे 420 बच्चों में से 211 बच्चों को विभिन्न रोजगारोन्मुखी और व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को ऐसे कौशल सिखाए जाएंगे, जो भविष्य में रोजगार प्राप्त करने और स्वरोजगार शुरू करने में सहायक होंगे।
रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पर विशेष फोकस
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि केवल औपचारिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और तकनीकी कौशल भी बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं। कौशल आधारित प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास प्रदान करेगा और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते रोजगार बाजार में कौशल आधारित शिक्षा की अहमियत बढ़ रही है। ऐसे में संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों को भी आधुनिक और उपयोगी कौशल उपलब्ध कराना समय की जरूरत है।
मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में बेहतर करियर विकल्प चुन सकें।
शिक्षा और कौशल का समन्वय
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में यह कार्यक्रम शुरू किया गया है, ताकि संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों को भी समान अवसर मिल सकें और वे भविष्य में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार हो सकें।
राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास का संयोजन बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह पहल न केवल उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने में भी सहायता करेगी। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में इस कार्यक्रम का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक बच्चों को इससे जोड़ा जाए, ताकि वे अपने जीवन में नई संभावनाओं का निर्माण कर सकें।
बच्चों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
शिक्षा और बाल विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम बच्चों को जीवनोपयोगी दक्षताओं से लैस करते हैं और उन्हें सामाजिक तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स में रहने वाले बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रम आत्मविश्वास बढ़ाने, करियर निर्माण और समाज में सकारात्मक पुनर्स्थापन का माध्यम बन सकते हैं।
पंजाब सरकार की यह पहल बाल संरक्षण, कौशल शिक्षा और समावेशी विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो बच्चों को बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर करेगी।