कंपनी ने बताया कि नई पूंजी का उपयोग खेत स्तर की तकनीक को मजबूत बनाने, रोग प्रबंधन प्रणालियों को बेहतर करने, पूर्वी भारत में किसानों से खरीद नेटवर्क का विस्तार करने और अपने प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) एवं निर्यात कारोबार को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। फंड का एक हिस्सा कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
वर्ष 2023 में अभिषेक द्विवेदी और अभिलाष द्विवेदी द्वारा स्थापित Aquapulse एक तकनीक-संचालित प्लेटफॉर्म संचालित करती है, जो छोटे झींगा किसानों को सीधे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है। वर्तमान में कंपनी ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के किसानों के साथ काम कर रही है। इसके लिए कंपनी स्थानीय एक्वाप्रेन्योर्स की मदद से हब-एंड-स्पोक मॉडल का उपयोग करती है।
Aquapulse किसानों को जल गुणवत्ता निगरानी, फीड प्रबंधन, रोगों की शुरुआती चेतावनी प्रणाली और झींगा की कटाई (हार्वेस्टिंग) समन्वय जैसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी प्री-हार्वेस्ट सहायता, प्रोसेसिंग और निर्यात लॉजिस्टिक्स को भी एक ट्रेस करने योग्य (Traceable) सप्लाई चेन सिस्टम में जोड़ती है, जिससे गुणवत्ता और कार्यकुशलता में सुधार होता है।
कंपनी मुख्य रूप से चीन, वियतनाम और जापान जैसे देशों में झींगा का निर्यात करती है। इसके अलावा यह घरेलू संस्थागत खरीदारों और आधुनिक रिटेल चैनलों की मांग को भी पूरा करती है। Aquapulse, Phoenix Marine Exports and Solution Pvt. Ltd. (PMES) के तहत संचालित होती है।
झींगा पालन क्षेत्र अभी भी काफी हद तक बिखरा हुआ है। ऐसे में Aquapulse का लक्ष्य इस क्षेत्र को अधिक संगठित और पारदर्शी बनाना है। कंपनी एक मजबूत और ट्रेस करने योग्य वैल्यू चेन विकसित करना चाहती है, जिससे किसानों को स्थिर बाजार मिल सके और खरीदारों को गुणवत्ता के अनुरूप लगातार आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।