इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी एथर एनर्जी को उम्मीद है कि उसका नया लॉन्च किया गया कोणार्क (Konarc) इलेक्ट्रिक स्कूटर अगले दो वर्षों में कंपनी की कुल बिक्री में 50-60% तक हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। कंपनी इस मॉडल के जरिए अपने संभावित ग्राहक आधार को बढ़ाने और पेट्रोल स्कूटर खरीदारों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर लाने पर फोकस कर रही है।
एथर एनर्जी (Ather Energy) के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत फोकेला ने कहा कि कोणार्क (Konarc) आने वाले समय में कंपनी के पोर्टफोलियो का करीब 50-60% हिस्सा बन सकता है। कंपनी कोणार्क (Konarc) को इलेक्ट्रिक स्कूटर को बड़े स्तर पर अपनाने की दिशा में एक अहम मॉडल के रूप में देख रही है।
कंपनी का मुख्य फोकस दूसरी ईवी कंपनियों से ग्राहक छीनने के बजाय उन खरीदारों को इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर लाने पर है, जो फिलहाल इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाले पेट्रोल स्कूटर खरीदते हैं। फोकेला के मुताबिक, कोणार्क का उद्देश्य ईवी को मुख्यधारा में लाना है और इसके लिए आईसीई (ICE) स्कूटर से ग्राहकों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर शिफ्ट करना जरूरी है।
एथर के अनुसार, पेट्रोल स्कूटर से ईवी पर आने वाले ग्राहकों के लिए सबसे पहले कंफर्ट, सेफ्टी और बैटरी लाइफ जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना जरूरी है। इसके बाद फीचर्स और टेक्नोलॉजी जैसे पहलू ग्राहकों के लिए अंतर पैदा कर सकते हैं।
फिलहाल कोणार्क (Konarc) की सप्लाई केवल उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक सीमित है और कंपनी ने मध्य एवं दक्षिण भारत के बाजारों में अभी बुकिंग शुरू नहीं की है। सीमित उत्पादन के कारण एथर (Ather) ने कम बाजारों में पर्याप्त सप्लाई देने को प्राथमिकता दी है, बजाय इसके कि कम वॉल्यूम को पूरे देश में बांटा जाए।
एथर (Ather) को उम्मीद है कि दिसंबर में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू होने के बाद सप्लाई की स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, उत्पादन बढ़ाने में इसके बाद कुछ महीने लग सकते हैं। सप्लाई बेहतर होने के साथ कंपनी धीरे-धीरे कोणार्क (Konarc) को और अधिक बाजारों में उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।
सीमित सप्लाई के चलते एथर (Ather) ने फिलहाल नए स्टोर खोलने की रफ्तार भी धीमी कर दी है। कंपनी के पास वर्तमान में करीब 740 स्टोर हैं और फेस्टिव सीजन के बाद स्टोर विस्तार में फिर तेजी आने की उम्मीद है। अगले 18-24 महीनों में कंपनी का लक्ष्य करीब 1,800-1,900 स्टोर तक पहुंचने का है, हालांकि विस्तार को डीलरों की व्यवहार्यता और मुनाफे को ध्यान में रखकर किया जाएगा।