C-CAMP को केंद्र के RDI फंड के तहत मिले 500 करोड़ रुपये, Deeptech Biotech Startups को मिलेगा समर्थन

C-CAMP को केंद्र के RDI फंड के तहत मिले 500 करोड़ रुपये, Deeptech Biotech Startups को मिलेगा समर्थन

C-CAMP को केंद्र के RDI फंड के तहत मिले 500 करोड़ रुपये, Deeptech Biotech Startups को मिलेगा समर्थन
C-CAMP, जो डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के तहत एक बायोसाइंस रिसर्च और इनोवेशन हब है, को केंद्र सरकार के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड (RDIF) के तहत चुने गए पांच FROs में शामिल किया गया है।


सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (C-CAMP), जो डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के तहत एक बायोसाइंस रिसर्च और इनोवेशन हब है, को केंद्र सरकार के रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड (RDIF) के तहत चुने गए पांच फोकस्ड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन्स (FROs) में शामिल किया गया है।

संगठन को रिसर्च आधारित इनोवेशन और डीप-टेक स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए 500 करोड़ रुपये (51 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) आवंटित किए गए हैं। सरकार की ओर से घोषित 19 Second Level Fund Managers में C-CAMP एकमात्र ऐसा संगठन है, जो विशेष रूप से बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करता है।

वर्ष 2009 में स्थापित C-CAMP का उद्देश्य शिक्षा जगत (Academia) और उद्योग (Industry) के बीच की खाई को पाटना और आधुनिक लाइफ साइंसेज रिसर्च व डीपटेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। संगठन हेल्थकेयर, कृषि, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीकों और समाधानों के विकास में सहयोग करता है।

C-CAMP 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कंसोर्टियम बनाएगा

C-CAMP निजी क्षेत्र के भागीदारों और निवेशकों के साथ मिलकर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का कंसोर्टियम तैयार करेगा। इस पहल का उद्देश्य हेल्थकेयर, कृषि, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्रों में नए समाधान विकसित करने वाले डीपटेक लाइफ साइंसेज स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देना है।

इस फंडिंग के तहत मुख्य रूप से उन स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जो Technology Readiness Level (TRL) 4 या उससे ऊपर के स्तर पर पहुंच चुके हैं। इस चरण में तकनीकें शुरुआती रिसर्च से आगे बढ़कर प्रयोगशाला में परीक्षण या शुरुआती स्तर पर सत्यापन की स्थिति में होती हैं। इस पहल का उद्देश्य इन स्टार्टअप्स को अपनी तकनीक विकसित करने में मदद देना और भारत के डीपटेक इकोसिस्टम में निजी निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना है।

RDIF का उद्देश्य भारत के डीपटेक इकोसिस्टम को मजबूत करना

रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई, 2025 को मंजूरी दी थी। इस फंड का कुल आकार 1 लाख करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य तकनीक आधारित कंपनियों के लिए पूंजी की उपलब्धता बेहतर बनाकर रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा देना तथा भारत में उन्नत तकनीकों के विकास को समर्थन देना है।

अब तक RDIF ने सीधे प्रोजेक्ट फंडिंग के माध्यम से 22 स्टार्टअप्स को सहायता दी है। इनमें से दो स्टार्टअप C-CAMP के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं -आईस्टेम रिसर्च और पेप्ट्रिस टेक्नोलॉजीज। फोकस्ड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के रूप में C-CAMP का चयन विज्ञान आधारित कारोबारों को समर्थन देने और रिसर्च से विकसित नवाचारों को व्यावसायिक उपयोग तक पहुंचाने में उसकी भूमिका को मजबूत कर सकता है।

निजी निवेश बढ़ाने पर जोर सीईओ C-CAMP के डायरेक्टर और सीईओ तस्लीमारिफ सैयद ने कहा कि संगठन इस फंड का इस्तेमाल TRL 4 या उससे ऊपर के स्तर पर काम कर रहे स्टार्टअप्स को समर्थन देने के साथ-साथ डीपटेक इकोसिस्टम में निजी निवेश बढ़ाने के लिए भी करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि निजी पूंजी के अतिरिक्त निवेश को आकर्षित करना RDI पहल के प्रमुख उद्देश्यों के अनुरूप है। निवेशकों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ मिलकर C-CAMP का लक्ष्य डीपटेक लाइफ साइंसेज स्टार्टअप्स को अपनी तकनीकों को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनका प्रभाव बढ़ाने के लिए जरूरी फंडिंग उपलब्ध कराने में मदद करना है।

इस पहल से रिसर्च क्षमताओं, उद्यमशील प्रतिभा और निवेश पूंजी को एक साथ लाकर भारत के लाइफ साइंसेज इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित कंसोर्टियम के माध्यम से C-CAMP ऐसी संभावनाशील स्टार्टअप कंपनियों की मदद करेगा, ताकि वे अपनी तकनीकों को व्यापक स्तर पर अपनाए जाने और व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार कर सकें।

  

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