Imarticus Learning ने भारत के अंडरग्रेजुएट छात्रों को टेक्नोलॉजी और फाइनेंस के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 'फ्यूचर स्किल्स फॉर भारत’ प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह प्रोग्राम E&ICT Academy, IIT कानपुर के सहयोग से शुरू किया गया है। यह अकादमी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत EICTA Consortium का हिस्सा है। फिलहाल, AI इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI फॉर फाइनेंस प्रोग्राम में एडमिशन शुरू हो गए हैं। EV टेक्नोलॉजी और फिनटेक एंड डिजिटल फाइनेंस प्रोग्राम बाद में लॉन्च किए जाएंगे।
'फ्यूचर स्किल्स फॉर भारत’ को भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति से जुड़े क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें एआई इंजीनियरिंग, एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर्स, एम्बेडेड इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, ड्रोन, एयरो टेक, स्पेस टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और फिनटेक जैसे सेक्टर्स शामिल हैं।
AI और फाइनेंस में बढ़ते अवसरों पर फोकस
शुरुआती प्रोग्राम उन क्षेत्रों पर केंद्रित हैं, जहां कुशल प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ रही है। एआई इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत छात्र AI सिस्टम बनाना, उन्हें डिप्लॉय करना, मॉनिटर करना और बड़े स्तर पर संचालित करना सीखेंगे। इसमें LLMs, RAG, AI Agents, APIs, Containers, Cloud, GPUs और Responsible AI जैसे विषय शामिल हैं। वहीं, AI for Finance प्रोग्राम में डेटा एनालिसिस, फोरकास्टिंग, क्रेडिट रिस्क, फ्रॉड डिटेक्शन और इन्वेस्टमेंट रिसर्च में AI के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कोडिंग की पूर्व जानकारी जरूरी नहीं है।
आने वाले समय में ईवी टेक्नोलॉजी और फिनटेक एवं डिजिटल फाइनेंस भी इस पोर्टफोलियो का हिस्सा बनेंगे। ईवी टेक्नोलॉजी में छात्र बैटरी पैक, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम्स, मोटर्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, थर्मल मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और व्हीकल सॉफ्टवेयर सीखेंगे। फिनटेक एवं डिजिटल फाइनेंस में India Stack, UPI, डिजिटल लेंडिंग, WealthTech और RegTech से जुड़े सिस्टम और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क शामिल होंगे।
इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार स्किल डेवलपमेंट
लॉन्च पर Imarticus Learning के फाउंडर और सीईओ निखिल बार्शिकर ने कहा कि कंपनियों में AI और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़ी ऐसी भूमिकाओं की मांग बढ़ रही है, जो कुछ साल पहले मौजूद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि 'फ्यूचर स्किल्स फॉर भारत’ छात्रों और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के बीच अंतर को कम करने के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य केवल सर्टिफिकेट देना नहीं, बल्कि छात्रों को उन सिस्टम, चुनौतियों और फैसलों की व्यावहारिक समझ देना है, जिनका सामना उन्हें नौकरी के दौरान करना होगा। छात्रों को पहली नौकरी दिलाना महत्वपूर्ण है, लेकिन इंडस्ट्री में बदलाव के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करना भी उतना ही जरूरी है।
E&ICT Academy, IIT कानपुर के जॉइंट एकेडमिक कोऑर्डिनेटर डॉ. ए.आर.के.एस. श्रीनिवास ने कहा कि आने वाला दशक उन इंजीनियरों का होगा, जो AI का इस्तेमाल करने के साथ यह भी समझते हैं कि तकनीक वास्तव में कैसे काम करती है। उनके अनुसार, ये प्रोग्राम छात्रों को AI मॉडल से लेकर डेटा सेंटर तक की तकनीक समझने और भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में योगदान देने के लिए तैयार करेंगे।
प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स से मिलेगी इंडस्ट्री की समझ
प्रत्येक प्रोग्राम को भारतीय बाजार और जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें UPI, India Stack, EV चार्जिंग, घरेलू मोबिलिटी, RBI और SEBI के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तथा भारत के बढ़ते AI इकोसिस्टम से जुड़े विषय शामिल हैं।
छात्रों को तीन गाइडेड प्रोजेक्ट्स के साथ कैपस्टोन-स्तर का काम पूरा करना होगा। प्रोग्राम के अनुसार, वे AI मॉडल को काम करने वाली सर्विस के रूप में डिप्लॉय कर सकते हैं, कंपनी की एनुअल रिपोर्ट पर आधारित AI फाइनेंस असिस्टेंट बना सकते हैं, भारतीय इलेक्ट्रिक बस के लिए 40 kWh बैटरी पैक डिजाइन कर सकते हैं या UPI ट्रांजैक्शन डैशबोर्ड तैयार कर सकते हैं। इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य छात्रों को ऐसा व्यावहारिक अनुभव देना है, जिसे वे इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के दौरान दिखा सकें।
निर्धारित आवश्यकताएं पूरी करने वाले छात्रों को E&ICT Academy, IIT कानपुर के अंतर्गत प्रोग्राम पूरा करने का सर्टिफिकेट मिलेगा। हालांकि, इन प्रोग्राम्स से IIT की डिग्री, डिप्लोमा या Alumni का दर्जा नहीं मिलेगा।
दो महीने में 60 घंटे की लाइव लर्निंग
प्रत्येक प्रोग्राम दो महीने का होगा और इसमें 60 घंटे की लाइव लर्निंग शामिल होगी। इसमें व्यवस्थित मॉड्यूल, IIT/NIT फैकल्टी की चार मास्टरक्लास और तीन गाइडेड प्रोजेक्ट्स होंगे। मुख्य रूप से यह पोर्टफोलियो मुख्य रूप से विभिन्न ब्रांच और वर्ष के BTech छात्रों के लिए है, जिनमें Mechanical, Electrical, ECE और CS/IT के छात्र शामिल हैं। एआई फॉर फाइनेंस और फिनटेक एंड डिजिटल फाइनेंस जैसे प्रोग्राम बीकॉम, बीबीए और अन्य कॉमर्स छात्रों के लिए भी उपयोगी होंगे।
फिलहाल, AI इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI फॉर फाइनेंस के लिए एडमिशन खुले हैं। EV टेक्नोलॉजी और फिनटेक एंड डिजिटल फाइनेंस को बाद में शुरू किए जाएंगे। कंपनी की योजना वर्ष के दौरान उभरते टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में अन्य प्रोग्राम जोड़ने की भी है।