इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (IIMA) ने अपने दो वर्षीय ब्लेंडेड MBA प्रोग्राम इन बिजनेस एनालिटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (BPGP: BA & AI) के दूसरे बैच के लिए एडमिशन की घोषणा की है। वर्किंग प्रोफेशनल्स और उद्यमियों के लिए तैयार किया गया यह प्रोग्राम बिजनेस लीडर्स को जटिल डेटा समझने, नई तकनीकों का मूल्यांकन करने और रणनीतिक व कामकाजी फैसलों में एनालिटिकल सोच का इस्तेमाल करने के लिए जरूरी कौशल प्रदान करने पर केंद्रित है।
इसकी घोषणा IIMA कैंपस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर IIMA के डायरेक्टर प्रो. भारत भास्कर, डीन (प्रोग्राम्स) प्रो. दिप्तेश घोष, BPGP: BA & AI के चेयरपर्सन प्रो. अनिंद्य एस. चक्रवर्ती और कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ AI, IIMA के चेयरपर्सन प्रो. अंकुर सिन्हा उपस्थित थे।
IIMA के PGP 1975 बैच की पूर्व छात्रा चंद्रिका टंडन, जो बिजनेस लीडर, समाजसेवी और ग्रैमी अवॉर्ड विजेता संगीतकार हैं, कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। उन्होंने IIMA में कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ AI की स्थापना के लिए आर्थिक सहयोग दिया है। यह प्रोग्राम बदलती बिजनेस जरूरतों के अनुसार मैनेजमेंट एजुकेशन को आगे बढ़ाने के संस्थान के प्रयासों को दर्शाता है। इसके साथ ही, संस्थान अकादमिक गुणवत्ता, रिसर्च और व्यावहारिक शिक्षा पर अपना ध्यान बनाए रखना चाहता है।
एनालिटिकल सोच और जिम्मेदारी के साथ फैसले लेने पर जोर
दूसरे बैच की घोषणा पर IIMA के डायरेक्टर प्रो. भारत भास्कर ने कहा, “IIM अहमदाबाद में हम जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सिखाते हैं, उनमें से एक है किसी फैसले पर पहुंचने से पहले समस्या को ध्यान से समझना। आज मैनेजर्स के पास तेजी से बेहतर होते एनालिटिकल टूल्स उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें इन टूल्स से मिलने वाले जवाबों के पीछे की मान्यताओं और सीमाओं को भी समझना चाहिए। इस प्रोग्राम के दूसरे बैच के माध्यम से हमारा उद्देश्य भविष्य के बिजनेस लीडर्स में तकनीकी क्षमता, स्वतंत्र सोच और मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारी के बीच संतुलन को मजबूत करना है।”
AI और इस प्रोग्राम के महत्व पर चंद्रिका टंडन ने कहा, “हमारे पास शक्तिशाली टूल्स हैं, लेकिन केवल टूल्स यह नहीं बता सकते कि किन समस्याओं पर वास्तव में ध्यान देने की जरूरत है। जब हमने कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ AI की कल्पना की थी, तो हमारा उद्देश्य लोगों, संस्थानों और उनके लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना था। मुझे उम्मीद है कि यह प्रोग्राम मैनेजर्स को गंभीरता से सोचने और ऐसे समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित करेगा, जो अर्थव्यवस्था और समाज के लिए मूल्य पैदा करें। यह प्रोग्राम IIMA को मैनेजमेंट के बदलते क्षेत्र में आगे रहने और भविष्य के लिए तैयार मैनेजर्स, लीडर्स और संस्थान बनाने में मदद करेगा।”
IIMA में BPGP: BA & AI के चेयरपर्सन प्रो. अनिंद्य एस. चक्रवर्ती ने बताया कि इस प्रोग्राम का पाठ्यक्रम मैथमैटिकल मॉडलिंग, प्रोग्रामिंग और मशीन लर्निंग को फाइनेंस व स्ट्रैटेजी जैसे मुख्य मैनेजमेंट विषयों के साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा, “केस डिस्कशन, कैपस्टोन असाइनमेंट और एक्शन-लर्निंग प्रोजेक्ट्स के जरिए प्रतिभागी एनालिटिकल सुझावों को गंभीरता से परखना, उनके व्यावहारिक प्रभाव को समझना और जटिल बिजनेस फैसलों में इन जानकारियों का इस्तेमाल करना सीखेंगे।”
मैनेजमेंट, एनालिटिक्स और नई AI तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम
भारतीय कंपनियां AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं, लेकिन कई कंपनियों में इसके लिए जरूरी तैयारी की कमी बनी हुई है। बिजनेस को ऐसे मैनेजर्स की जरूरत है, जो उपलब्ध जानकारी का मूल्यांकन कर सकें, अवसरों और जोखिमों को समझें और निवेश से जुड़े सही फैसले ले सकें। IIMA का ब्लेंडेड MBA इन बिजनेस एनालिटिक्स एंड AI इन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। यह फाइनेंस, मार्केटिंग, ऑपरेशंस, सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, लीगल, IT और ह्यूमन रिसोर्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी है।
दो साल में छह टर्म वाले इस प्रोग्राम में लाइव, डायरेक्ट-टू-डिवाइस क्लासेज के साथ कैंपस में पढ़ाई के तीन मॉड्यूल शामिल हैं। इसका उद्देश्य नौकरी करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए पढ़ाई को सुविधाजनक बनाना है। प्रतिभागियों को मैनेजमेंट, स्टैटिस्टिक्स, एनालिटिकल मॉडलिंग, मशीन लर्निंग और एडवांस्ड AI की पढ़ाई केस स्टडीज, सिमुलेशन, कैपस्टोन असाइनमेंट और एक्शन-लर्निंग प्रोजेक्ट्स के जरिए कराई जाएगी।
इस प्रोग्राम में प्रेडिक्टिव एंड प्रिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंस एंड रिस्क मैनेजमेंट, ह्यूमन–AI कोलैबोरेशन एंड चेंज मैनेजमेंट, AI एथिक्स, पॉलिसी एंड रेगुलेशन, सप्लाई चेन डिजिटाइजेशन, जनरेटिव AI और एजेंटिक AI जैसे विषयों के विकल्प भी मिलेंगे। IIMA की केस-आधारित शिक्षण पद्धति के जरिए प्रतिभागी एनालिटिक्स को बिजनेस, संगठन और नैतिकता से जुड़े सवालों के साथ समझ सकेंगे।
पढ़ाई के संसाधन, पहले साल के बाद बाहर निकलने का विकल्प और एलुमनाई नेटवर्क
प्रोग्राम के दौरान प्रतिभागियों को IIMA के अकादमिक और रिसर्च संसाधनों का रिमोट एक्सेस मिलेगा। इनमें विक्रम साराभाई लाइब्रेरी, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न डेटाबेस का बड़ा संग्रह शामिल है। इस प्रोग्राम में पहले साल के बाद बाहर निकलने का विकल्प भी है। ऐसा करने वाले प्रतिभागियों को बिजनेस एनालिटिक्स एंड AI में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा दिया जाएगा। दो साल का पूरा प्रोग्राम करने वाले प्रतिभागियों को MBA की डिग्री मिलेगी और वे IIMA के वैश्विक एलुमनाई नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे।
योग्यता और एडमिशन प्रक्रिया
आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में बैचलर डिग्री, CA, CS, ICWA, CMA या इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। साथ ही, उनके कुल अंकों में कम से कम 50% या इसके बराबर CGPA होना जरूरी है। वर्किंग प्रोफेशनल्स और उद्यमियों के पास तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री (10+2+3+3) के बाद कम से कम तीन साल का फुल-टाइम वर्क एक्सपीरियंस होना चाहिए। वहीं, चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट डिग्री (10+2+4+2) के बाद कम से कम दो साल का फुल-टाइम वर्क एक्सपीरियंस जरूरी है। अनुभव की गणना 31 मार्च, 2027 तक की जाएगी।
उम्मीदवारों को पिछले पांच वर्षों के भीतर प्राप्त वैध CAT, GMAT या GRE स्कोर जमा करना होगा। इसके लिए परीक्षा की तारीख 1 जनवरी, 2022 या उसके बाद की होनी चाहिए। GMAT Classic और GMAT Focus Edition, दोनों के स्कोर स्वीकार किए जाएंगे। इसके अलावा, उम्मीदवार संस्थान की चयन प्रक्रिया के तहत BPGP: BA & AI के राउंड 1 IIMA एडमिशन टेस्ट में भी शामिल हो सकते हैं।
प्रोग्राम की जानकारी: https://www.iima.ac.in/academics/MBA-BPGP-BA-AI