IIT कानपुर नोएडा में ₹180 करोड़ का एंटरप्रेन्योरशिप स्कूल स्थापित करेगा

IIT कानपुर नोएडा में ₹180 करोड़ का एंटरप्रेन्योरशिप स्कूल स्थापित करेगा

IIT कानपुर नोएडा में ₹180 करोड़ का एंटरप्रेन्योरशिप स्कूल स्थापित करेगा
गौतम स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप में जुलाई 2027 से टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप में MBA प्रोग्राम शुरू होगा।


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर अपने नोएडा कैंपस में 180 करोड़ रुपये की लागत से इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप स्कूल स्थापित करेगा। इसके तहत टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप में MBA प्रोग्राम जुलाई 2027 से शुरू होने वाला है। मुख्य रूप से संस्थान ने 14 अक्टूबर को अपने ‘Greater Than Us’ फंडरेजिंग कैंपेन की शुरुआत के दौरान गौतम के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

IIT कानपुर का 9,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

इस कैंपेन का लक्ष्य मार्च 2029 तक 1 अरब डॉलर यानी लगभग 9,000 करोड़ रुपये जुटाना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में इस कैंपेन की शुरुआत की। IIT कानपुर के डायरेक्टर मनींद्र अग्रवाल ने बताया कि पूर्व छात्रों, कॉरपोरेट डोनर्स, सरकार और अन्य सहयोगियों की ओर से अब तक 4,155 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता मिल चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग आधा है।

गौतम स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (G-SINE) का फोकस छात्रों को रिसर्च को बाजार में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स में बदलने में मदद करना होगा। स्कूल की जरूरत बताते हुए अग्रवाल ने कहा कि टेक्नोलॉजी का विकास केवल लैब तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे व्यावसायिक इस्तेमाल तक पहुंचाना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा, “जब हम टेक्नोलॉजी के विकास की बात करते हैं, तो हमें लैब में होने वाले काम को सहयोग देने से लेकर फैकल्टी और छात्रों को उस काम को लैब से बाहर लाने तथा उसे और विकसित करने में मदद करने तक के पूरे दायरे पर ध्यान देना होगा, ताकि टेक्नोलॉजी की तैयारी का स्तर और बेहतर हो सके। इसे ऐसे स्तर तक पहुंचाना होगा, जहां उसका व्यावसायीकरण किया जा सके। यहीं से स्टार्टअप्स की शुरुआत होती है।”

AI, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगा फोकस

इस स्कूल में फुल-टाइम फैकल्टी और डिग्री प्रोग्राम होंगे। इसका फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल हेल्थ, बायोटेक्नोलॉजी, ड्रोन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर रहेगा।

यह स्कूल नोएडा कैंपस में प्रस्तावित डीप टेक हब के साथ मिलकर काम करेगा। इससे छात्रों को प्रोडक्ट विकसित करने और उनकी टेस्टिंग के लिए सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, स्कूल को IIT कानपुर के स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (SIIC) का भी सहयोग मिलेगा, जो अब तक 571 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट कर चुका है।

‘Greater Than Us’ कैंपेन के जरिए IIT कानपुर सात रणनीतिक टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अपने काम को आगे बढ़ाएगा। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन, मेडिकल टेक्नोलॉजी, सस्टेनेबिलिटी, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कॉलरशिप और रिसर्च के लिए जुटाई जाएगी राशि

फंडरेजिंग के लक्ष्य को तीन हिस्सों में बांटा गया है- फाउंडेशन, टैलेंट और फ्रंटियर। लगभग 5,000 करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाएंगे। इसमें रिसर्च सुविधाएं, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों के लिए हॉस्टल शामिल हैं।

इसके अलावा, 3,000 करोड़ रुपये स्कॉलरशिप, डॉक्टरेट फेलोशिप और फैकल्टी की भर्ती के लिए रखे गए हैं। वहीं, 1,000 करोड़ रुपये रणनीतिक टेक्नोलॉजी से जुड़ी पहलों पर खर्च किए जाएंगे। इस संदर्भ में अग्रवाल ने कहा कि संस्थान का फंडरेजिंग अभियान भारत के लिए महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी को देश में ही विकसित करने की जरूरत को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “जब तक हम रणनीतिक महत्व वाली कुछ टेक्नोलॉजी के पूरे टेक्नोलॉजी स्टैक पर अपना नियंत्रण नहीं रखते, तब तक किसी संकट के समय हमारी स्थिति अच्छी नहीं होगी।” अत: यह कैंपेन IIT कानपुर के मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, AI और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े मौजूदा विशेष स्कूलों के काम को आगे बढ़ाएगा।

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