मार्च 2026 तिमाही में FirstCry की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12 प्रतिशत बढ़कर ₹2,163 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,930 करोड़ थी। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी की आय में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि Q3 (अक्टूबर-दिसंबर) FY26 में यह ₹2,424 करोड़ थी।
कंपनी के भारत कारोबार ने सबसे ज्यादा योगदान दिया। ऑफलाइन स्टोर्स और ऑनलाइन चैनलों से कंपनी को ₹1,490 करोड़ की आय हुई, जो कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 69 प्रतिशत है। वहीं, इंटरनेशनल बिजनेस से ₹225 करोड़ और कंपनी की सहायक इकाई GlobalBees से ₹460 करोड़ की आय हुई। ब्याज से हुई ₹41 करोड़ की कमाई को जोड़ने के बाद तिमाही की कुल आय ₹2,203 करोड़ रही।
खर्चों की बात करें तो कच्चे माल और प्रोडक्ट खरीद पर सबसे ज्यादा खर्च हुआ, जो कुल खर्च का 63 प्रतिशत से अधिक रहा। यह खर्च सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹1,398 करोड़ पहुंच गया। वहीं, कर्मचारियों पर होने वाला खर्च 17 प्रतिशत घटकर ₹191 करोड़ रह गया, जिसमें ₹49 करोड़ ESOP से जुड़े खर्च शामिल थे। मार्केटिंग, किराया, टेक्नोलॉजी और अन्य खर्चों के चलते Q4 (जनवरी-मार्च) FY26 में कंपनी का कुल खर्च ₹2,233 करोड़ रहा।
बेहतर आय के कारण FirstCry का शुद्ध घाटा 57 प्रतिशत घटकर ₹48 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹111.5 करोड़ था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का घाटा घटकर ₹203 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹265 करोड़ था।
ट्रेडिंग सेशन के अंत में FirstCry का शेयर प्राइस ₹235.8 पर बंद हुआ। इसके साथ कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹12,310 करोड़ यानी करीब 1.3 बिलियन डॉलर रहा।