Endiya Partners द्वारा जारी Hyderabad Startup Readiness Index 2026 के अनुसार, हैदराबाद का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजी से विस्तार (Scaling) करने के लिए स्टार्टअप्स को अब सबसे अधिक जरूरत ग्रोथ कैपिटल (Growth Capital) और मार्केट एक्सेस (Market Access) की है।
यह रिपोर्ट 216 संस्थापकों (Founders), निवेशकों (Investors), कॉर्पोरेट्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसमें हैदराबाद स्टार्टअप इकोसिस्टम को 10 में से 6.5 अंक का ओवरऑल कॉन्फिडेंस स्कोर मिला है।
रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी (43%) है। इसके बाद प्रतिभाशाली मानव संसाधन (38%) और कम लागत पर कारोबार करने की सुविधा (36%) प्रमुख मजबूत पक्ष हैं। हालांकि, जब स्टार्टअप्स को बड़े स्तर पर विस्तार देने की बात आती है, तो फाइनेंसिंग तक पहुंच (33%) और मार्केट एक्सेस (29%) सबसे बड़ी जरूरत बनकर सामने आए हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हैदराबाद आज 10,000 से अधिक स्टार्टअप्स का केंद्र बन चुका है। वर्ष 2014 से अब तक शहर ने 384 से अधिक निवेश सौदों (Deals) के जरिए 3 अरब डॉलर से अधिक का वेंचर निवेश आकर्षित किया है। इसके अलावा, यहां 355 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) मौजूद हैं, जो भारत के कुल GCC का लगभग 20 प्रतिशत हैं। हैदराबाद देश का दूसरा सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टैलेंट हब भी बन चुका है।
रिपोर्ट में अलग-अलग हितधारकों की राय भी सामने आई। स्टार्टअप फाउंडर्स ने विभिन्न चरणों में फंडिंग की कमी को सबसे बड़ी चुनौती बताया। वहीं निवेशकों का मानना है कि हर स्तर पर पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत है। दूसरी ओर, इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों ने हैदराबाद के सहयोगी माहौल और संस्थागत समर्थन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया।

हालांकि सभी हितधारकों की प्राथमिकताएं अलग-अलग रहीं, लेकिन सभी इस बात पर सहमत दिखे कि पूंजी तक आसान पहुंच, नए बाजारों के अवसर और स्टार्टअप्स को तेजी से विस्तार देने के लिए मजबूत सहयोग हैदराबाद के अगले विकास चरण की कुंजी होंगे।
Endiya Partners के मैनेजिंग पार्टनर सतीश आंद्रा ने कहा, "Hyderabad Innovation Report बताती है कि पिछले दस वर्षों में शहर ने कितनी प्रगति की है, जबकि Startup Readiness Index यह दिखाती है कि आगे बढ़ने के लिए किन क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत है। हैदराबाद ने प्रतिभा, इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत सहयोग के दम पर मजबूत आधार तैयार किया है। अब अगला चरण अधिक ग्रोथ कैपिटल, बेहतर मार्केट एक्सेस और फाउंडर्स, निवेशकों, कॉर्पोरेट्स तथा नीति-निर्माताओं के बीच मजबूत सहयोग पर निर्भर करेगा। इसी से हैदराबाद वैश्विक स्तर की अगली पीढ़ी की कंपनियां तैयार कर सकेगा।"
Darwinbox के, को-फाउंडर चैतन्य पेड्डी ने कहा, "हैदराबाद की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह फाउंडर्स को लंबी अवधि की सोच के साथ काम करने का अवसर देता है। यहां बेहतरीन इंजीनियरिंग टैलेंट, एंटरप्राइज अनुभव और मजबूत संचालन क्षमता उपलब्ध है। Darwinbox इसी इकोसिस्टम की देन है। जो शहर कभी केवल टैलेंट हब माना जाता था, वह आज वैश्विक स्तर की टेक्नोलॉजी कंपनियां तैयार कर रहा है। हमें विश्वास है कि आने वाले दशक में हैदराबाद दुनिया के प्रमुख इनोवेशन इकोसिस्टम में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।