यह 12 महीने का ब्लेंडेड प्रोग्राम छात्रों और प्रोफेशनल्स को आधुनिक डिजिटल डिजाइन, यूजर एक्सपीरियंस और नई उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। वहीं संस्थान के अनुसार, यह इंडस्ट्री-आधारित प्रोग्राम डिजाइन थिंकिंग, यूजर एक्सपीरियंस प्रिंसिपल्स और आधुनिक Interaction Design की मजबूत समझ विकसित करेगा। इसके साथ ही छात्रों को Augmented Reality (AR), Virtual Reality (VR), Wearable Interfaces और Generative AI जैसी उभरती तकनीकों में प्रैक्टिकल स्किल्स भी सिखाई जाएंगी।
IIIT-Delhi के फैकल्टी मेंबर्स और रिसर्चर्स द्वारा तैयार किया गया यह प्रोग्राम ब्लेंडेड फॉर्मेट में संचालित होगा। इसमें लाइव ऑनलाइन क्लासेस के साथ कैंपस इमर्शन सेशन भी शामिल होंगे। संस्थान का कहना है कि यह मॉडल छात्रों को लचीले तरीके से सीखने का अवसर देगा, जबकि उन्हें कैंपस आधारित अनुभव और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी मिलेगा।
यह प्रोग्राम डिजाइन, टेक्नोलॉजी और Human Factors से जुड़े इंटरडिसिप्लिनरी फ्रेमवर्क्स को कवर करेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को ऐसे डिजिटल प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए सक्षम बनाना है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए आसान, प्रभावी और बेहतर अनुभव प्रदान करें।
करियर ग्रोथ और करियर ट्रांजिशन पर फोकस
संस्थान के अनुसार, यह कोर्स उन छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए भी उपयोगी होगा, जो डिजाइन और इनोवेशन सेक्टर में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं या नए क्षेत्र में करियर ट्रांजिशन करना चाहते हैं।
इस संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में UX Design, Interaction Design और Emerging Experience Technologies की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यह प्रोग्राम छात्रों को भविष्य की डिजिटल इंडस्ट्री के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
तेजी से बढ़ रहा है AR और VR आधारित शिक्षा बाजार
रिपोर्ट्स के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र में AR/VR टेक्नोलॉजी का बाजार वर्ष 2030 तक 22.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस दौरान इस सेक्टर में लगभग 41.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) देखने को मिल सकती है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि भविष्य में इमर्सिव टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा और डिजिटल अनुभवों की मांग और बढ़ने वाली है।
बेहतर UX Design से बढ़ता है बिजनेस प्रदर्शन
Forrester की एक स्टडी के अनुसार, बेहतर तरीके से डिजाइन किया गया यूजर इंटरफेस किसी भी प्लेटफॉर्म की Conversion Rate को लगभग 200 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। वहीं मजबूत UX Design Strategy इसे 400 प्रतिशत तक बढ़ाने में मदद कर सकती है।
इसी के साथ वैश्विक UX इंडस्ट्री के भी तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले वर्षों में Global UX Industry का आकार लगभग 32.95 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि User-Centred Design अब लगभग हर सेक्टर के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन चुका है।
छात्रों को मिलेगी भविष्य की डिजिटल स्किल्स
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि IIIT- दिल्ली का यह नया प्रोग्राम छात्रों को भविष्य की टेक्नोलॉजी और डिजाइन इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा। इससे छात्रों को AI, डिजिटल डिजाइन और इमर्सिव टेक्नोलॉजी जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में करियर बनाने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों में User Experience (UX), Interaction Design और Human-Centred Technology की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यह प्रोग्राम छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और डिजिटल इनोवेशन जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं से भी लैस करेगा। इससे छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेक्नोलॉजी, डिजाइन और रिसर्च सेक्टर में बेहतर करियर अवसर हासिल कर सकेंगे।