ओडिशा के कटक जिले में स्थापित जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय (JKU) का उद्घाटन 3 अगस्त 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया। विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं को आधुनिक उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कौशल-आधारित शिक्षा के साथ जोड़ना है। यह संस्थान छात्रों के बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास पर समान रूप से ध्यान देगा।
विश्वविद्यालय आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित परिसर और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे आजीवन सीखने, चरित्र निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रक्रिया के रूप में विकसित किया गया है। संस्थान रिसर्च, इनोवेशन और वैल्यू-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देगा।
राष्ट्रपति ने मूल्य-आधारित शिक्षा को बताया विकसित भारत की आधारशिला
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है और उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को मूल्य-आधारित शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका उपयोग मानवता, समाज और राष्ट्र के विकास के लिए किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का आह्वान किया, जिनमें नैतिकता, अनुशासन, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित की भावना हो। साथ ही उन्होंने ओडिशा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि ज्ञान, संस्कृति और जनसेवा की परंपराओं के लिए जानी जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
NEP 2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षा मॉडल
विश्वविद्यालय का शैक्षणिक ढांचा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है। यहां छात्रों को इंटरडिसिप्लिनरी शिक्षा, स्किल-आधारित लर्निंग, व्यक्तिगत शिक्षण (Personalized Learning) और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट मोबिलिटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विश्वविद्यालय उद्योगों के सहयोग से तैयार किए गए पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देगा। रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मेंटरशिप, कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स और रोजगार-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने में मदद करेंगे। साथ ही छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, फिनटेक, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में वैश्विक स्तर के सर्टिफिकेशन और माइक्रो-क्रेडेंशियल्स भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल मजबूत होंगे।
तकनीक, प्रबंधन और हेल्थकेयर शिक्षा के लिए तीन विशेष संस्थान
विश्वविद्यालय के अंतर्गत JK Institute of Technology (JKIT), JK Institute of Management Studies (JKIMS) और JK Institute of Healthcare & Life Science की स्थापना की गई है। JKIT में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, एनिमेशन एवं VFX, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों में शिक्षा दी जाएगी। वहीं JKIMS में बिजनेस एनालिटिक्स, फिनटेक, ई-कॉमर्स एवं डिजिटल स्ट्रेटेजी जैसे उद्योगों की मांग वाले प्रबंधन कार्यक्रम संचालित होंगे।
साथ ही हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंस संस्थान में नेचुरोपैथी एवं योगिक साइंस, पैरामेडिकल साइंस, स्पोर्ट्स साइंस, एथलीट केयर और फार्मास्युटिकल साइंस जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। विश्वविद्यालय का दावा है कि सभी कार्यक्रम NEP 2020, SDG (Sustainable Development Goals) और इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए हैं, जिनमें लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री सहयोग और रिसर्च आधारित शिक्षण पद्धति शामिल होगी।
इंडस्ट्री पार्टनरशिप, ग्लोबल सर्टिफिकेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर जोर
विश्वविद्यालय ने छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड एजुकेशन मॉडल अपनाया है। इसके तहत पाठ्यक्रम उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किए जाएंगे, जबकि छात्रों को रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स, कैपस्टोन असाइनमेंट, कॉर्पोरेट मेंटरशिप और विजिटिंग इंटरनेशनल फैकल्टी का मार्गदर्शन मिलेगा। विश्वविद्यालय NSQF-अलाइन माइक्रो-क्रेडेंशियल्स, सेक्टर स्किल काउंसिल (SSC) से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र और AI/ML, साइबर सिक्योरिटी, फिनटेक एवं क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर के सर्टिफिकेशन भी उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा परिसर में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, सीड फंडिंग, स्टार्टअप लैब्स और निवेशकों से नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही अपने स्टार्टअप को विकसित और लॉन्च कर सकें।
प्लेसमेंट, इंटर्नशिप और वैल्यू-बेस्ड एजुकेशन के साथ तैयार होंगे भविष्य के प्रोफेशनल्स
विश्वविद्यालय के अनुसार छात्रों को तीसरे वर्ष से ही पेड इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें। प्लेसमेंट-इंटीग्रेटेड अकादमिक मॉडल, कॉर्पोरेट मेंटरशिप और रोजगार-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों की करियर तैयारी को मजबूत करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय योग, माइंडफुलनेस, कम्युनिकेशन स्किल्स, लीडरशिप डेवलपमेंट, एथिक्स और सामुदायिक सेवा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मूल्य-आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देगा।
अत: विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे तकनीकी रूप से दक्ष, शोध-केंद्रित, उद्यमशील और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण प्रोफेशनल्स तैयार करना है, जो 'विकसित ओडिशा' और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।