यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से प्री-सीड और सीड स्टेज स्टार्टअप्स में निवेश करता है। इस दौरान JIIF ने 15 से अधिक एग्जिट भी दर्ज किए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसके निवेश से शुरुआती स्तर पर ही अच्छा रिटर्न मिल रहा है।
संस्था अगले 12 से 18 महीनों में 80 से 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की योजना बना रही है। इसके तहत हर साल 20 से 25 नए स्टार्टअप्स को फंडिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल, JIIF का निवेश आकार (टिकट साइज) 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के बीच है, जो स्टार्टअप के क्षेत्र और स्तर पर निर्भर करता है।
हाल ही में JIIF ने मुंबई में स्थित Atomic Capital में 26.5 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके साथ ही संस्था ने “फंड-ऑफ-फंड्स” मॉडल में भी कदम रखा है।
JIIF का पोर्टफोलियो कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीप टेक, कंज्यूमर और D2C, हेल्थ, फिनटेक, मोबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी। इसके पोर्टफोलियो में Aten Porus, Elixia, Zintlr, DTown Robotics, Nautical Wings, BatX, S3V, Stroom, Snackible और Elefant जैसे स्टार्टअप्स शामिल हैं, जो SaaS, डिफेंस टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी, हेल्थ टेक और D2C जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
JIIF एशिया-पैसिफिक क्षेत्र (APAC) के लिए एक नया एक्सेलरेटर प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसमें भारत, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया शामिल होंगे। यह प्रोग्राम AI, फिनटेक, क्लाइमेट, मोबिलिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के शुरुआती स्टार्टअप्स पर फोकस करेगा।
JIIF के चेयरमैन जीनेन्द्र भंडारी ने कहा कि उनका उद्देश्य एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जो सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि स्टार्टअप्स को हर स्तर पर समर्थन दे। उन्होंने Atomic Capital में निवेश को एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे नए अवसरों तक पहुंच बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि APAC एक्सेलरेटर प्रोग्राम के जरिए अलग-अलग देशों के स्टार्टअप्स को बड़े स्तर पर सहयोग दिया जाएगा।
JIIF के अनुसार, ज्यादातर एग्जिट सेकेंडरी ट्रांजैक्शन और बायबैक के जरिए हुए हैं, जिनमें 20-30 प्रतिशत तक के रिटर्न (IRR) का लक्ष्य हासिल किया गया है।