बेंगलुरु स्थित स्पेस-टेक स्टार्टअप Kepler Aerospace ने सैन्य निगरानी के लिए स्वायत्त Swarm Satellites विकसित करने के लिए $8 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। 2018 में Navneet Singh द्वारा स्थापित कंपनी भारत के डिफेंस और स्पेस सेक्टर के लिए सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और सेवाएं विकसित कर रही है।
कंपनी को 2025 में भारत के रक्षा मंत्रालय से $4 मिलियन का iDEX Prime कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इसके तहत Kepler Aerospace, Defence Space Agency, Headquarters Integrated Defence Staff और रक्षा मंत्रालय के लिए छह-सैटेलाइट Intelligence, Surveillance and Reconnaissance (ISR) कॉन्स्टेलेशन विकसित कर रही है। इस कॉन्स्टेलेशन को 2027 में तैनात किए जाने की योजना है।
यह छह-सैटेलाइट सिस्टम एक self-coordinating swarm के रूप में काम करेगा। सैटेलाइट्स ग्राउंड कंट्रोल पर निर्भर हुए बिना आपस में समन्वय करते हुए संभावित खतरों को ट्रैक करने और निगरानी से जुड़ा डेटा जुटाने में सक्षम होंगे। सिस्टम का इस्तेमाल जमीन, समुद्र, हवा और अंतरिक्ष में निगरानी के लिए किया जाएगा।
केपलर एयरोस्पेस (Kepler Aerospace) पहले से ही इसरो (ISRO) के Space Based Surveillance-III (SBS-III) कार्यक्रम के लिए कंपोनेंट्स, सैटेलाइट सर्विसेज और ग्राउंड स्टेशन सपोर्ट उपलब्ध कराती है। इस कार्यक्रम में 21 सैटेलाइट शामिल हैं। कंपनी के फाउंडर और CEO Navneet Singh ने कहा कि iDEX कॉन्ट्रैक्ट केवल एक बिजनेस उपलब्धि नहीं है, बल्कि स्पेस-बेस्ड इंटेलिजेंस के एक नए दौर की शुरुआत है, जिसमें कंपनी भारत की स्पेस डिफेंस क्षमताओं को बदलने के लिए एक ऑटोनॉमस इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार कर रही है।