Minimac Systems ने जुटाए 30 करोड़ रुपये

Minimac Systems ने जुटाए 30 करोड़ रुपये

Minimac Systems ने जुटाए 30 करोड़ रुपये
मिनिमैक सिस्टम्स ने Rainmatter by Zerodha के नेतृत्व में ₹30 करोड़ की फंडिंग जुटाई है, जिसका इस्तेमाल R&D और लुब्रिकेंट रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में किया जाएगा।

इंडस्ट्रियल डीप-टेक कंपनी Minimac Systems ने लुब्रिकेंट लाइफसाइकिल मैनेजमेंट और सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देने के लिए ₹30 करोड़ की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Rainmatter by Zerodha ने किया, जबकि चुनिंदा वेंचर कैपिटल फर्मों ने भी इसमें हिस्सा लिया। IIT (ISM) धनबाद और IIM इंदौर के पूर्व छात्र Anshuman Agrawal द्वारा स्थापित Minimac शुरुआत से ही बूटस्ट्रैप्ड और प्रॉफिटेबल रही है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लुब्रिकेंट मार्केट है और हर साल 50 लाख टन से अधिक लुब्रिकेंट और ग्रीस की खपत करता है। देश अपनी बेस ऑयल जरूरत का 60% से अधिक आयात करता है, जिस पर सालाना $2.7 बिलियन से ज्यादा का आयात बिल आता है। Minimac का मॉडल तीन स्तरों पर काम करता है—NanoCircularity, जो मशीनों में लुब्रिकेंट की स्थिति की निगरानी करता है; MicroCircularity, जो प्लांट में दोबारा इस्तेमाल योग्य लुब्रिकेंट को रिस्टोर करता है; और MacroCircularity, जो इस्तेमाल के योग्य न बचे तेल को रजिस्टर्ड री-रिफाइनर्स तक पहुंचाता है।

कंपनी की Recycling on Wheels सर्विस मोबाइल ट्रीटमेंट सिस्टम के जरिए सीधे इंडस्ट्रियल प्लांट्स तक पहुंचती है। इन सिस्टम्स की प्रोसेसिंग क्षमता करीब 10 से 4,000 लीटर प्रति मिनट तक है। Minimac ने अब तक 2,500 से अधिक मिनिएचराइज्ड फ्लूइड-ट्रीटमेंट सिस्टम लगाए हैं, जिनकी संयुक्त प्रोसेसिंग क्षमता 3 लाख लीटर प्रति मिनट से अधिक है। कंपनी ने 2,200 से ज्यादा इंडस्ट्रियल एसेट्स के साथ काम किया है और 1.4 करोड़ लीटर से अधिक लुब्रिकेंट को दोबारा प्रोडक्टिव इस्तेमाल में बनाए रखा है। इसके ग्राहकों में NTPC, Adani Power, JSW Steel, Tata Steel, Indian Oil, Reliance Industries, Shell, ExxonMobil, Larsen & Toubro और Hindustan Aeronautics शामिल हैं।

नई फंडिंग का इस्तेमाल ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लूइड एनालिटिक्स में R&D, क्षेत्रीय हब के जरिए Recycling on Wheels का विस्तार और Lubricants as a Service मॉडल को विकसित करने में किया जाएगा। अप्रैल 2024 से लागू भारत के Extended Producer Responsibility (EPR) फ्रेमवर्क के तहत इस्तेमाल किए गए तेल के लिए FY27 तक 20% और FY31 से 50% रीसाइक्लिंग लक्ष्य निर्धारित किया गया है। Minimac के फाउंडर और MD Anshuman Agrawal ने कहा कि कंपनी लुब्रिकेंट को केवल consumable नहीं, बल्कि एक engineered asset मानती है और यह निवेश देशभर के अधिक इंडस्ट्रियल प्लांट्स तक एडवांस्ड रिस्टोरेशन और सर्कुलैरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाने में मदद करेगा।

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