Mesa School of Business ने इक्विटी और डेट फंडिंग के जरिए जुटाए 110 करोड़ रुपये

Mesa School of Business ने इक्विटी और डेट फंडिंग के जरिए जुटाए 110 करोड़ रुपये

Mesa School of Business ने इक्विटी और डेट फंडिंग के जरिए जुटाए 110 करोड़ रुपये
इस फंडिंग राउंड में Dharana Capital और Elevation Capital की सह-नेतृत्व वाली 85 करोड़ रुपये की Series A इक्विटी फंडिंग और InnoVen Capital तथा Alteria Capital से 25 करोड़ रुपये की वेंचर डेट शामिल है।


स्टार्टअप पर केंद्रित बिजनेस स्कूल और EdTech कंपनी Mesa School of Business ने इक्विटी और डेट फंडिंग के जरिए 110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस राउंड में करीब 85 करोड़ रुपये की Series A इक्विटी फंडिंग शामिल है, जिसका सह-नेतृत्व Dharana Capital और मौजूदा निवेशक Elevation Capital ने किया है। इसके अलावा, InnoVen Capital और Alteria Capital से 25 करोड़ रुपये की वेंचर डेट फंडिंग मिली है।

कंपनी के अनुसार, इस फंडिंग राउंड के बाद Mesa School of Business का मूल्यांकन 385 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी को CRED के कुणाल शाह, मीशो के विदित आत्रे और अभिराज बहल तथा पेटीएम के विजय शेखर शर्मा जैसे संस्थापकों और उद्यमियों का भी समर्थन प्राप्त है। फंडिंग से प्राप्त राशि का इस्तेमाल मौजूदा प्रोग्राम्स के लिए AI-फर्स्ट पाठ्यक्रम तैयार करने, नए प्रोग्राम शुरू करने और उनका विस्तार करने तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ रणनीतिक साझेदारियां विकसित करने में किया जाएगा।

Mesa का AI-फर्स्ट बिजनेस एजुकेशन पर जोर

Ankit Agarwal और Varun Limaye ने 2023 में Mesa School of Business की सह-स्थापना की थी। बेंगलुरु स्थित यह संस्थान अंडरग्रेजुएट विद्यार्थियों, नए ग्रेजुएट्स और करियर की शुरुआती अवस्था में मौजूद प्रोफेशनल्स के लिए रेजिडेंशियल प्रोग्राम्स चलाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को AI-फर्स्ट दुनिया में नेतृत्व और उद्यमिता के लिए तैयार करना है।

संस्थान की लर्निंग पद्धति के तहत हर विद्यार्थी एक छोटा बिजनेस तैयार करता है और उसे चलाता है। साथ ही, विद्यार्थी AI का इस्तेमाल करके टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट विकसित करना और उसे लॉन्च करना सीखते हैं। Mesa एक पोस्टग्रेजुएट बैच से बढ़कर अब तीन प्रोग्राम्स में 550 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच गया है। इन प्रोग्राम्स में स्टार्टअप लीडरशिप में एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप में चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम और नए ग्रेजुएट्स के लिए एक वर्षीय प्रोग्राम Forge शामिल हैं।

स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री से जुड़कर सीखने का अवसर

संस्थान के अनुसार, 100 से अधिक फाउंडर्स कैंपस में विद्यार्थियों को पढ़ा चुके हैं। वहीं, विद्यार्थियों ने स्टार्टअप्स के साथ 200 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। संस्थान का उद्देश्य क्लासरूम में मिलने वाली शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव और स्टार्टअप संचालन की समझ से जोड़ना है। कंपनी के अनुसार, उसके पहले दो पोस्टग्रेजुएट बैचों के विद्यार्थियों को औसतन 26 लाख रुपये का सालाना कॉस्ट टू कंपनी (CTC) मिला। वहीं, शीर्ष 25 प्रतिशत विद्यार्थियों का औसत CTC 36.5 लाख रुपये रहा।

कंपनी के मुताबिक, प्लेसमेंट पाने वाले सभी विद्यार्थियों ने Zomato, Zepto, Urban Company, Scapia और Comet जैसे स्टार्टअप्स में नौकरी जॉइन की। इनमें से 58 प्रतिशत विद्यार्थियों ने ऐसे पदों पर काम शुरू किया, जहां उन्हें सीधे फाउंडर्स के साथ काम करने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों के स्टार्टअप्स ने जुटाए 25 करोड़ रुपये से अधिक

कंपनी के अनुसार, Mesa से ग्रेजुएशन करने वाले करीब 20 प्रतिशत विद्यार्थी उद्यमी बन चुके हैं। इसके अलावा, संस्थान के इन-हाउस रेजिडेंसी प्रोग्राम Mesa Startup Lab में 50 से अधिक विद्यार्थी स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जा रहा है। वहीं कंपनी के मुताबिक, इन स्टार्टअप्स ने अब तक सामूहिक रूप से 25 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग और ग्रांट्स जुटाई हैं। इनका सालाना रेवेन्यू रन-रेट भी 50 करोड़ रुपये से अधिक है।


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