एटेरो (Attero) का B2B डिजिटल स्क्रैप ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मेटल मंडी (MetalMandi) ने भारत में 2 लाख से अधिक डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है और अगले पांच वर्षों में 5 गुना वृद्धि का लक्ष्य रखा है। 2025 में लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म के पास वर्तमान में 1.1 लाख से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स, 50,000 से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स और लगभग 4,000 दैनिक सक्रिय यूजर्स हैं, जो 28 से अधिक राज्यों और 100 से ज्यादा शहरों में फैले हुए हैं।
यह प्लेटफॉर्म हर महीने करीब 15,000 मीट्रिक टन स्क्रैप मेटल की खरीद को सक्षम बनाता है, जो सालाना 1.5 से 2 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचता है। कंपनी ने अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के वार्षिक राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया है।
एटेरो (Attero) के को-फाउंडर और सीईओ नितिन गुप्ता के अनुसार, भारत में स्क्रैप की बड़ी मात्रा होने के बावजूद इसकी सप्लाई चेन अभी भी बिखरी हुई है, जिसमें पारदर्शिता, सही मूल्य निर्धारण और भरोसेमंद खरीदार-विक्रेताओं की कमी है। मेटल मंडी (MetalMandi) का उद्देश्य इस अंतर को दूर करते हुए स्क्रैप सप्लाई चेन को औपचारिक बनाना और मांग व आपूर्ति को सीधे जोड़ना है।
दिल्ली NCR, चेन्नई, मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों में प्लेटफॉर्म की मजबूत पकड़ देखने को मिल रही है। मेटल मंडी लाइव मार्केट-लिंक्ड स्क्रैप कीमतों की जानकारी प्रदान करता है और ई-वेस्ट के लिए संरचित प्राइसिंग बेंचमार्क भी देता है, जिससे इस क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ रही है।
प्लेटफॉर्म ने ट्रांजैक्शन को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग शुरू किया है। AI आधारित क्वालिटी इंस्पेक्शन टूल्स लाइव इमेज डिटेक्शन के जरिए स्क्रैप की गुणवत्ता और श्रेणी का आकलन करते हैं, जिससे मूल्य निर्धारण अधिक सटीक होता है।
इसके अलावा, कंपनी जल्द ही एक मार्केटप्लेस मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिससे खरीदार और विक्रेता सीधे प्लेटफॉर्म पर जुड़ सकेंगे। दस्तावेज़ अपलोड, जियो-ट्रैकिंग, शिपमेंट मॉनिटरिंग और वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं के जरिए प्लेटफॉर्म पारदर्शी और सुरक्षित लेनदेन सुनिश्चित कर रहा है, जिससे भारत की स्क्रैप सप्लाई चेन को अधिक संगठित और कुशल बनाने में मदद मिल रही है।