इस समझौते के तहत BAOU को ‘डुअल’ श्रेणी में मान्यता दी गई है। इसका मतलब है कि अब विश्वविद्यालय एक साथ प्रशिक्षण देने और उसका मूल्यांकन करने का काम कर सकेगा।
प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन का अधिकार
इस समझौते के बाद BAOU को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के अनुसार अलग-अलग कोर्स के लिए प्रशिक्षण, परीक्षा (मूल्यांकन) और प्रमाणपत्र देने का अधिकार मिल गया है। अब छात्र विश्वविद्यालय के कैंपस और उसके मान्यता प्राप्त केंद्रों के माध्यम से स्किल कोर्स कर सकेंगे और वहीं से सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर सकेंगे।
स्वतंत्र मूल्यांकन की सुविधा
‘डुअल’ मान्यता मिलने से BAOU खुद ही छात्रों का मूल्यांकन कर सकता है। जरूरत पड़ने पर वह NCVET से मान्यता प्राप्त अन्य एजेंसियों की मदद भी ले सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया ज्यादा आसान, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनेगी और छात्रों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
इस समझौते पर हस्ताक्षर एमएसडीई (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय) की सचिव और NCVET की अध्यक्ष देबाश्री मुखर्जी तथा NCVET के कार्यकारी सदस्य अशोक कुमार गाबा की मौजूदगी में किए गए। यह दिखाता है कि सरकार इस पहल को काफी महत्व दे रही है।
कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह मान्यता NCVET के गुणवत्ता और उद्योग की जरूरतों के अनुसार बनाए गए नियमों पर आधारित है। BAOU अपने लचीले और समावेशी शिक्षा मॉडल के जरिए छात्रों को नई स्किल्स सिखाने, पुरानी स्किल्स को अपडेट करने (अपस्किलिंग) और नई स्किल्स सीखने (रेस्किलिंग) में मदद करेगा। इससे छात्रों को नौकरी के लिए बेहतर तैयारी मिलेगी।
युवाओं और वंचित वर्गों को फायदा
इस पहल से खासतौर पर युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों को बड़ा फायदा होगा। अब उन्हें कम खर्च में, अपने आसपास ही स्किल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट मिल सकेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही यह कदम देश में स्किल आधारित शिक्षा को मजबूत करने और स्किल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।