कम्युनिकेशन, पब्लिक स्पीकिंग और लाइफ स्किल्स पर फोकस करने वाली एडटेक कंपनी PlanetSpark अब K-12 एजुकेशन से आगे बढ़कर वर्किंग प्रोफेशनल्स और AI आधारित लर्निंग के क्षेत्र में विस्तार कर रही है। कंपनी की पैरेंट इकाई Winspark Innovations Learning ने भविष्य में IPO की दिशा में बढ़ने के लिए करीब ₹800 करोड़ के रेवेन्यू और लगातार दो वित्त वर्षों तक प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
PlanetSpark के को-फाउंडर कुनाल मलिक ने अगस्त 2025 में PTI को दिए एक इंटरव्यू में कंपनी के इस रोडमैप की जानकारी दी थी। कंपनी की रणनीति पहले बिजनेस को टिकाऊ रूप से प्रॉफिटेबल बनाने, फिर लगातार दो वर्षों तक प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने और इसके बाद करीब ₹800 करोड़ के रेवेन्यू स्तर पर पब्लिक लिस्टिंग पर विचार करने की है।
₹800 करोड़ रेवेन्यू IPO का भविष्य का लक्ष्य
कंपनी के लिए ₹800 करोड़ का आंकड़ा मौजूदा रेवेन्यू नहीं, बल्कि IPO रोडमैप से जुड़ा भविष्य का लक्ष्य है। कुनाल मलिक के अनुसार, कंपनी पहले टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना चाहती है। इसके बाद दो लगातार वित्त वर्षों तक मुनाफे में रहने और करीब ₹800 करोड़ के रेवेन्यू स्तर तक पहुंचने पर IPO की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है।
इसका मतलब है कि PlanetSpark के IPO रोडमैप में तीन प्रमुख लक्ष्य हैं- टिकाऊ मुनाफा हासिल करना, लगातार दो वित्त वर्षों तक मुनाफे में रहना और करीब ₹800 करोड़ के रेवेन्यू स्तर तक पहुंचना।
FY25 में रेवेन्यू 18.6% बढ़कर ₹81.2 करोड़
PlanetSpark की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखें तो उपलब्ध FY25 आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की पैरेंट इकाई ने ₹81.2 करोड़ का Revenue दर्ज किया। यह FY24 के ₹68.4 करोड़ के मुकाबले करीब 18.6% अधिक था। हालांकि, FY25 में कंपनी को करीब ₹28.8 करोड़ का Net Loss हुआ। ऐसे में ₹800 करोड़ को वर्तमान Revenue या हासिल किया जा चुका वित्तीय लक्ष्य बताना सही नहीं होगा। यह कंपनी के भविष्य के IPO रोडमैप में रखा गया रेवेन्यू लक्ष्य है।
कुनाल मलिक ने अगस्त 2025 में कहा था कि कंपनी FY26 को अपना पहला पूर्ण रूप से प्रॉफिटेबल वर्ष बनाने की उम्मीद कर रही थी और FY27 में भी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने का लक्ष्य था।
2017 में शुरू हुआ PlanetSpark का सफर
PlanetSpark की शुरुआत 2017 में कुनाल मलिक और मनीष धूपर ने की थी। कंपनी ने शुरुआत बच्चों और युवाओं में कम्युनिकेशन, पब्लिक स्पीकिंग और दूसरी लाइफ स्किल्स विकसित करने पर फोकस के साथ की थी। समय के साथ PlanetSpark ने अपने लर्निंग पोर्टफोलियो का विस्तार किया। इसके कार्यक्रमों में पब्लिक स्पीकिंग, क्रिएटिव राइटिंग, स्पोकन इंग्लिश, कम्युनिकेशन, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, बिजनेस कम्युनिकेशन और अन्य स्किल आधारित लर्निंग प्रोग्राम शामिल हैं।
कंपनी का मुख्य लर्निंग मॉडल लाइव, पर्सनलाइज्ड 1:1 ऑनलाइन क्लासेस पर आधारित है। K-12 विद्यार्थियों के लिए PlanetSpark पब्लिक स्पीकिंग, स्टोरीटेलिंग, डिबेटिंग, क्रिएटिव राइटिंग और कम्युनिकेशन जैसी स्किल्स पर काम करती है।
K-12 से प्रोफेशनल लर्निंग तक विस्तार
PlanetSpark अब अपने पारंपरिक K-12 सेगमेंट से आगे बढ़कर वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए भी स्किल आधारित लर्निंग को बढ़ा रही है। कुनाल मलिक के अनुसार, 2025 में कंपनी के करीब 18% लर्नर्स वर्किंग प्रोफेशनल्स थे। कंपनी की योजना इस हिस्सेदारी को पहले 22-23% और आगे चलकर करीब 30% तक बढ़ाने की थी।
इसी रणनीति के तहत कंपनी ने Winspark.ai के जरिए 0-15 वर्षों के कार्य अनुभव वाले प्रोफेशनल्स को लक्षित करने की योजना बनाई है। इस सेगमेंट में कम्युनिकेशन, लीडरशिप, प्रेजेंटेशन, बिजनेस कम्युनिकेशन और अन्य करियर आधारित स्किल्स पर फोकस किया जा रहा है। वहीं कंपनी का लक्ष्य टेक्नोलॉजी और AI की मदद से प्रोफेशनल्स को ज्यादा पर्सनलाइज्ड और बेहतर लर्निंग अनुभव उपलब्ध कराना है।
छोटे शहरों में भी मजबूत पकड़
PlanetSpark की ग्रोथ रणनीति में नॉन-मेट्रो और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों की भी अहम भूमिका है। कंपनी के अनुसार, उसके करीब 80% Revenue का स्रोत भारत है, जबकि बाकी Revenue अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है। कंपनी ने यह भी बताया था कि उसका करीब आधा ट्रैक्शन नॉन-मेट्रो और छोटे शहरों से आता है।
कम्युनिकेशन, स्पोकन इंग्लिश और सॉफ्ट स्किल्स की बढ़ती मांग कंपनी के लिए इन बाजारों में बड़ा अवसर पैदा कर रही है। छोटे शहरों में भी माता-पिता बच्चों की कम्युनिकेशन, आत्मविश्वास, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और पब्लिक स्पीकिंग जैसी स्किल्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
AI पर बढ़ता फोकस
PlanetSpark अपने एजुकेशन इकोसिस्टम में AI की भूमिका भी तेजी से बढ़ा रही है। जुलाई 2025 में कंपनी ने Project EMMA - Empathetic Moms Mentoring AI लॉन्च किया था। इस पहल के तहत करियर ब्रेक पर मौजूद अनुभवी एजुकेटर-मदर्स को AI ट्यूटर की भावनात्मक समझ और सहानुभूति को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया गया।
कंपनी के अनुसार, उसके AI ट्यूटर को 5 लाख से अधिक क्लास रिकॉर्डिंग्स और पांच वर्षों के प्रोप्राइटरी लाइफ-स्किल्स पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित किया गया है। इसका उद्देश्य AI को केवल कंटेंट डिलीवरी तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों की झिझक, जुड़ाव, सीखने में रुचि और अन्य भावनात्मक संकेतों को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनाना है। वर्तमान में PlanetSpark AI और मानव आधारित शिक्षण को मिलाकर पर्सनलाइज्ड लर्निंग अनुभव विकसित करने पर जोर दे रही है।
2.5 करोड़ Learners तक पहुंचने का लक्ष्य
PlanetSpark का दीर्घकालिक विजन भी बड़ा है। कुनाल मलिक ने कंपनी को आने वाले वर्षों में 2.5 करोड़ यानी 25 मिलियन Learners तक पहुंचाने और ₹20,000 करोड़ से अधिक की ग्लोबल कंपनी बनाने का लक्ष्य साझा किया है।
कंपनी का मानना है कि कम्युनिकेशन और सॉफ्ट स्किल्स का बाजार भारत में अभी भी काफी बड़ा और कम सेवा प्राप्त करने वाला क्षेत्र है। K-12 एजुकेशन के साथ प्रोफेशनल लर्निंग और AI आधारित एजुकेशन में विस्तार करके PlanetSpark इस बड़े बाजार अवसर को साधना चाहती है।
IPO से पहले प्रॉफिटेबिलिटी सबसे बड़ी प्राथमिकता
PlanetSpark के लिए फिलहाल IPO से पहले प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है। कंपनी को FY25 में Revenue बढ़ने के बावजूद Net Loss हुआ था। ऐसे में अगले चरण में Revenue बढ़ाने के साथ-साथ मार्जिन और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार पर भी फोकस रहेगा। वहीं अगर कंपनी FY26 से प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने और इसके बाद लगातार दो वित्त वर्षों तक इसे बनाए रखने में सफल रहती है, साथ ही Revenue को करीब ₹800 करोड़ तक ले जाती है, तो IPO की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उसके निर्धारित प्रमुख लक्ष्य पूरे हो सकते हैं।
PlanetSpark अब K-12 स्किल डेवलपमेंट, प्रोफेशनल लर्निंग और AI आधारित एजुकेशन को अपनी ग्रोथ रणनीति के तीन प्रमुख आधार के रूप में विकसित कर रही है। कंपनी के लिए अगला चरण केवल लर्नर बेस बढ़ाने का नहीं, बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी को टिकाऊ बनाने और नए सेगमेंट को बड़े स्तर पर विकसित करने का है। अत: इन लक्ष्यों की सफलता ही तय करेगी कि PlanetSpark का ₹800 करोड़ रेवेन्यू और IPO रोडमैप कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।